India 100 Percent Tariff: अमेरिका का 100% टैरिफ बिल पास, भारत पर बढ़ा दबाव; क्या पेट्रोल-डीजल होगा महंगा? – RGH NEWS
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India 100 Percent Tariff: अमेरिका का 100% टैरिफ बिल पास, भारत पर बढ़ा दबाव; क्या पेट्रोल-डीजल होगा महंगा?

India 100 Percent Tariff : अमेरिकी सीनेट ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर दबाव बढ़ाने वाले एक बड़े प्रतिबंध बिल को 86-11 वोटों से मंजूरी दे दी है। Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 नाम के इस बिल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस के बड़े ऊर्जा खरीदार देशों से आने वाले सामान पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार देने का प्रावधान है। भारत भी इस प्रावधान के दायरे में आ सकता है।

 

हालांकि, अभी भारत पर 100% टैरिफ लागू नहीं हुआ है। सीनेट से मंजूरी मिलने के बाद बिल अब अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में जाएगा। अमेरिकी सदन 31 अगस्त को अवकाश के बाद दोबारा बैठक करेगा। वहां से मंजूरी मिलने और आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह कानून बन सकेगा।

 

रूस से तेल खरीदने पर क्यों बढ़ा दबाव?

इस बिल का मुख्य उद्देश्य रूस की तेल और गैस से होने वाली कमाई को कम करना है। अमेरिका का मानना है कि रूस की ऊर्जा बिक्री से मिलने वाला राजस्व यूक्रेन युद्ध के लिए उसकी आर्थिक क्षमता को मजबूत करता है। बिल में रूस के अधिकारियों, वित्तीय संस्थानों, ऊर्जा क्षेत्र और प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल होने वाले ‘शैडो फ्लीट’ पर भी कार्रवाई का प्रावधान है। साथ ही, रूस के तेल-गैस के बड़े खरीदारों पर टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को देने की बात कही गई है। पहले इस प्रस्ताव में 500% तक टैरिफ लगाने की बात थी, लेकिन संशोधित बिल में अधिकतम सीमा 100% कर दी गई। साथ ही टैरिफ का दायरा रूस के कच्चे तेल या गैस के सबसे बड़े खरीदारों तक सीमित किया गया है।

 

क्या भारत में अब पेट्रोल-डीजल महंगा होगा?

फिलहाल नहीं। अमेरिकी सीनेट में बिल पास होने का मतलब यह नहीं है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत तुरंत बढ़ जाएगी। यह टैरिफ अमेरिका में भारत से आने वाले सामान पर लगाया जा सकता है, सीधे भारत में बिकने वाले पेट्रोल-डीजल पर नहीं। हालांकि, इसका अप्रत्यक्ष असर जरूर हो सकता है। अगर भविष्य में इस कानून के कारण भारत के लिए रूसी कच्चे तेल की खरीद महंगी या मुश्किल होती है और भारत को दूसरे देशों से महंगा तेल खरीदना पड़ता है, तो घरेलू ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। यानी अभी पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने की कोई सीधी वजह नहीं बनी है। लेकिन रूस से सस्ता तेल मिलने में बड़ी रुकावट आती है और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो आगे चलकर पेट्रोल-डीजल महंगा होने की संभावना बन सकती है।

 

भारत के लिए क्यों अहम है रूस का तेल?

भारत लंबे समय से रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीद रहा है। इसकी बड़ी वजह रूसी तेल पर मिलने वाली कीमत में छूट भी रही है। भारत सरकार पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि देश की तेल खरीद ऊर्जा जरूरतों और उपलब्ध स्रोतों के आधार पर की जाती है। इसलिए अमेरिकी बिल का असर सिर्फ भारत-अमेरिका व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। अगर यह कानून लागू होता है और भारत पर कार्रवाई होती है, तो इसका असर दोनों देशों के व्यापार, भारत की रूस से तेल खरीद और आगे की ऊर्जा रणनीति पर पड़ सकता है।

 

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ईरान पर भी बढ़ेगा अमेरिकी दबाव

बिल में रूस के अलावा ईरान से जुड़े प्रतिबंधों को भी जारी रखने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य ईरान के ऊर्जा और हथियार क्षेत्रों को मिलने वाली फंडिंग पर रोक बनाए रखना है।

 

अभी क्या होगा?

India 100 Percent Tariffफिलहाल तस्वीर साफ है सीनेट से बिल पास हो चुका है, लेकिन यह अभी कानून नहीं बना है। अगला पड़ाव अमेरिकी प्रतिनिधि सभा है। वहां मंजूरी के बाद ही इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। इसलिए भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम को लेकर अभी तत्काल बढ़ोतरी की बात कहना सही नहीं होगा। असली असर इस बात पर निर्भर करेगा कि बिल आगे किस रूप में कानून बनता है और अमेरिका भारत के खिलाफ टैरिफ का इस्तेमाल करता है या नहीं।

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