Chhattisgarh samachar: छत्तीसगढ़ सरकार ने एनालॉग पनीर की बिक्री पर लगाया प्रतिबंध, जानें कैसे होता है तैयार

Chhattisgarh samachar छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में एनालॉग पनीर के कारोबार पर रोक लगाने का बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार जल्द ही आदेश जारी करेगी।
आदेश लागू होने के बाद प्रदेश में एनालॉग पनीर का निर्माण, भंडारण और बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। सरकार का कहना है कि यह फैसला लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लगातार कार्रवाई के बाद लिया गया निर्णय
पिछले एक साल में रायपुर में एनालॉग और संदिग्ध पनीर के खिलाफ लगातार कार्रवाई हुई है। जुलाई 2025 में बिरगांव स्थित एक फैक्ट्री से करीब 2500 किलो संदिग्ध पनीर जब्त कर यूनिट को सील किया गया था।
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हाल ही में खाद्य विभाग ने एक अन्य फैक्ट्री पर कार्रवाई करते हुए करीब 1700 किलो पनीर के नमूने जांच के लिए भेजे। इस तरह पिछले एक वर्ष में करीब 4200 किलो संदिग्ध पनीर पर कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद सरकार ने प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया।
क्या होता है एनालॉग पनीर
एनालॉग पनीर दूध से नहीं बल्कि पाम ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, स्टार्च और अन्य सामग्री से तैयार किया जाता है। इसकी लागत असली पनीर की तुलना में काफी कम होती है। इसी वजह से कुछ होटल, ढाबे और फूड कारोबार से जुड़े लोग कम कीमत में इसका उपयोग करते हैं। यदि इसे स्पष्ट रूप से एनालॉग उत्पाद बताकर बेचा जाए तो यह अलग श्रेणी में आता है, लेकिन असली पनीर के नाम पर बेचने पर इसे उपभोक्ताओं के साथ धोखा माना जाता है।
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सेहत पर पड़ सकता है गंभीर असर
विशेषज्ञों के अनुसार एनालॉग या कृत्रिम पनीर का लगातार सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। डायटीशियन नेहा जैन का कहना है कि यह सामान्य दूध से बनने वाले पनीर की तरह प्राकृतिक उत्पाद नहीं है।
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इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री और प्रसंस्करण के कारण इसका अधिक सेवन हृदय, लीवर और शरीर के अन्य अंगों पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इसलिए उपभोक्ताओं को खुला पनीर खरीदने से बचना चाहिए और केवल भरोसेमंद ब्रांड का उत्पाद ही लेना चाहिए।
सरकार ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सरकार उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खुले में बिकने वाले पनीर से बचें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की जानकारी खाद्य विभाग को दें।
Chhattisgarh samacharसरकार का मानना है कि प्रतिबंध लागू होने के बाद बाजार में मिलावटी और एनालॉग पनीर की बिक्री पर प्रभावी रोक लगेगी और लोगों को सुरक्षित डेयरी उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे।



