Delhi news: झुगी बस्ती में लगी भीषण आग, 30 झोपड़ियां जलकर राख; 24 दमकल गाड़ियां मौके पर मौजूद

Delhi news राजधानी दिल्ली में सोमवार देर रात झुग्गियों में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। यह घटना तकिया काले खान इलाके की वाल्मीकि बस्ती में हुई, जो मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज ( के पीछे स्थित है। अधिकारियों के मुताबिक, आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए कुल 24 दमकल वाहनों को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस अग्निकांड में करीब 30 झुग्गियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, सोमवार रात करीब 11:22 बजे झुग्गियों में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल की टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना कर दी गईं। शुरुआत में आग बुझाने के लिए 7 से 8 दमकल गाड़ियों को भेजा गया था। लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद आग की भयावहता को देखते हुए अतिरिक्त संसाधन लगाए गए और कुल 24 दमकल गाड़ियों को राहत और बचाव अभियान में लगाया गया।
दिल्ली फायर सर्विस को रात साढ़े 11 बजे मिली आग की सूचना
दिल्ली फायर सर्विस के डिविजनल ऑफिसर मुकेश वर्मा ने बताया कि फायर कंट्रोल रूम को रात करीब 11:22 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही शुरुआत में 7 से 8 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। लेकिन आग के तेजी से फैलने के बाद दमकल की गाड़ियों की संख्या बढ़ाई गई और कुल 24 फायर टेंडर घटनास्थल पर तैनात किए गए। मुकेश वर्मा के अनुसार, आग अब पूरी तरह बुझा दी गई है और फिलहाल किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया कि जिस इलाके में आग लगी, वहां कुछ रिहायशी झुग्गियों के साथ-साथ स्टोरेज की जगहें भी थीं। उन्होंने कहा कि मौके पर बड़ी मात्रा में प्लाईवुड, लकड़ी का सामान और अस्थायी ढांचे मौजूद थे, जिसकी वजह से आग तेजी से फैल गई। फिलहाल नुकसान और आग लगने के कारणों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
दिल्ली में लगातार अग्निकांडों के बाद फायर सेफ्टी नियम सख्त
राजधानी दिल्ली में हाल के दिनों में आग लगने की कई बड़ी घटनाओं के बाद दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने अग्नि सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। लगातार सामने आए अग्निकांडों को देखते हुए अब कई तरह की इमारतों और दो या उससे अधिक स्तर वाले बेसमेंट के मालिकों या उपयोगकर्ताओं के लिए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य कर दिया गया है। दिल्ली में पहले विवेक विहार की एक चार मंजिला इमारत में आग लगने से 9 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद मालवीय नगर के एक होटल में आग की घटना में 23 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा शास्त्री पार्क की फर्नीचर मार्केट, कालकाजी के ‘पंजाबी तड़का’ रेस्टोरेंट और डाबड़ी के अस्पताल में भी आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं।
Delhi newsइन घटनाओं के बाद दिल्ली फायर सर्विस ने 16 जून को एक नोटिस जारी कर 11 श्रेणियों की इमारतों की सूची जारी की है। इन इमारतों में राष्ट्रीय भवन निर्माण मानक-2026 (भाग-एफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा अधिनियम, 2007 और दिल्ली अग्निशमन सेवा नियम, 2010 के अनुसार आग से बचाव और सुरक्षा उपायों की व्यवस्था करना जरूरी होगा। DFS के अनुसार, जिन इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उन्हें फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट हासिल करने में परेशानी हो सकती है। विभाग का उद्देश्य बड़े हादसों को रोकने के लिए पहले से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है।



