Kedarnath Temple Opens :केदारनाथ धाम के कपाट खुले, वैदिक मंत्रों के बीच शुरू हुई चारधाम यात्रा; श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब
Kedarnath Temple Opens :उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ केदारनाथ धाम के कपाट आज पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। इस शुभ अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। मंदिर को करीब 51 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है, जिससे पूरे धाम में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि कपाट खुलने के इस पावन अवसर पर उत्तराखंड की दिव्य भूमि पर आयोजित चार धाम यात्रा के लिए सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है।
वहीं, राज्यपाल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने भी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के इस पवित्र मौके पर सभी भक्तों को बधाई। भगवान भोलेनाथ की कृपा से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, अच्छा स्वास्थ्य और शांति बनी रहे—यही उनकी कामना है। “हर हर महादेव!”
मोबाइल ले जाने, वीडियो और रील बनाने पर रोक
इस बार जारी की गई गाइडलाइंस के मुताबिक, मंदिर परिसर में किसी भी तरह की रील बनाना या वीडियोग्राफी करना मना है। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी मना है। इसकी जानकारी रुद्रप्रयाग की एसपी निहारिका तोमर ने दी है। निहारिका ने बताया कि मंदिर प्रशासन ने एक मोबाइल काउंटर और लॉकर सिस्टम भी बनाया है। मैं सभी श्रद्धालुओं से अपील करना चाहूंगी कि वे मंदिर परिसर में किसी भी तरह की वीडियोग्राफी न करें और न ही रील बनाएं, ताकि इसकी गरिमा और पवित्रता बनी रहे। एसपी ने कहा कि यहां बिना इजाज़त ड्रोन उड़ाना भी मना है।
श्रद्धालुओं के लिए एडवाइज़री जारी
Kedarnath Temple Opens :मंदिर प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने और मंदिर परिसर की पवित्रता बनाए रखने में मदद करने की अपील की है। 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया) को चार धाम यात्रा के आधिकारिक तौर पर शुरू होने के साथ ही, बेस कैंपों में रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्री जमा हो चुके हैं। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं के लिए एडवाइज़री जारी की है कि वे भारी ऊनी कपड़े साथ रखें, क्योंकि हाल ही में हुई बर्फबारी के कारण तापमान जमाव बिंदु के करीब बना हुआ है।


