Vaishakh Amavasya 2026:आज वैशाख अमावस्या, जाने पूजा विधि और क्यों खास माना जाता है ये दिन

Vaishakh Amavasya 2026
सभी अमावस्याओं की तरह वैशाख अमावस्या भी हिंदू धर्म के लोगों के लिए बेहद स्पेशल होता है. आपको बता दे कि इस दिन खास तौर पर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. साथ ही पिंडदान व पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा करने का विधान है. पुरानी परंपरा से मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा का फल अवश्य मिलता है. इसके अलावा कुछ लोग पापों से मुक्ति पाने के लिए वैशाख अमावस्या पर गरीबों को दान और किसी पवित्र नदी में स्नान करते हैं. चलिए हम आपको यहां पर आप वैशाख अमावस्या की पूजा के शुभ मुहूर्त, विधि और नियम आदि के बारे में बताते है .
Vaishakh Amavasya 2026
वैशाख अमावस्या की पूजा का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय: सुबह 05:54
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह में 04:25 से 05:09
- अमृत काल- सुबह में 09:50 से 11:18
- श्राद्ध का समय: सुबह 11:30 से दोपहर 02:30
- अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:55 से दोपहर 12:47
- विजय मुहूर्त- दोपहर में 02:30 से 03:21
- सायाह्न सन्ध्या- शाम में 06:48 से 07:54
- निशिता मुहूर्त- रात 11:58 से सुबह 12:42

Vaishakh Amavasya 2026
वैशाख अमावस्या की पूजा विधि
- सुबह जल्दी स्नान करें.यदि संभव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें, नहीं तो घर पर गंगाजल से भी नहा सकते हैं.
- सूर्य देव को जल अर्पित करने के बाद व्रत-पूजा का संकल्प लें.
- भगवान विष्णु की पूजा करें.
- पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा करें और दान दें.
- शुभ मुहूर्त में व्रत खोलें और पूजा के दौरान हुई गलतियों के लिए माफी मांगें.
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Vaishakh Amavasya 2026
वैशाख अमावस्या की पूजा-व्रत से जुड़े नियम
- शारीरिक स्वच्छता का ध्यान रखें.
- विष्णु जी की पूजा के बाद ही पिंडदान करें.
- दान जरूर करें.
- सात्विक भोजन ही खाएं.
- नकारात्मक चीजों से दूर रहें.
- झूठ न बोलें.
- बाल, नाखून, दाढ़ी और मूंछ काटना वर्जित है.
- किसी का अपमान न करें.
क्यों खास माना जाता है ये दिन-
अमावस्या के दिन चंद्रमा दिखाई नहीं देता, इसलिए इसे थोड़ा अलग माना जाता है। कुछ लोग इस दिन को आत्ममंथन और शांति का समय भी मानते हैं। ज्योतिष के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है, उन्हें इस दिन बेचैनी या हल्का तनाव महसूस हो सकता है। ऐसे में पूजा-पाठ और दान करने से मन को राहत मिलती है।



