Chhatisgarh News: छत्तीसगढ़ में सीमेंट कि कीमतों पर हुयी वृद्धि , जाने अब 1 बोरी सीमेंट के कितने चुकाने पड़ेंगे दाम?

Chhatisgarh News:मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण निर्माण सामग्री की कीमतों में कंपनियों द्वारा भारी मुनाफाखोरी की जा रही है। इसका असर लगभग 95 प्रतिशत सरकारी निर्माण परियोजनाओं पर स्पष्ट दिखाई देने लगा है। ईंधन, सीमेंट और बिटुमिन के बाद, अब सीमेंट की कीमतों ने बाजार में हलचल पैदा कर दी है। निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले ओपीसी और पीपीसी सीमेंट में मुनाफाखोरी 80 रुपये से भी अधिक हो गई है।
मिडिल ईस्ट वार का असर
बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के छत्तीसगढ़ चैप्टर ने कहा है कि मिडिल ईस्ट वार के बाद ईंधन, बिटुमिन, स्टील, सीमेंट, इमल्शन सहित अन्य निर्माण सामग्रियों की कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी हुई है। स्तिथि नियंत्रण से बाहर है। एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रूपेश ङ्क्षसघल ने कहा कि निर्माण सामग्रियों की कीमतों में अंधाधुंध वृद्धि से प्रदेश में सडक़, बिल्ंडिग से लेकर हित अन्य निर्माण में करीब 40 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं।

बढ़ती कीमत के वजह से ठेकेदारों के लिए निश्चित समय सीमा में काम पूरा करना चुनौती पूर्ण बन गया है, जबकि पीडब्ल्यूडी सहित विभागीय अनुबंधों में लागत वृद्धि का फार्मूला बढ़ी हुई कीमतों के तुलना मे असंगत है। इस संबंध में एसोसिएशन ने केंद्र और राज्य सरकार से राहत पैकेज की मांग करते हुए प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक पत्र भेजकर स्थिति से परिचित कराया है। कांट्रेक्टर्स का इस पर कथन है कि कई सामिग्रयों की कीमतों में 100 प्रतिशत तक बढ़त हो चुकी है, जबकि लोक निर्माण विभाग के अनुबंध में 10 से 20 प्रतिशत तक ही राहत का प्रावधान है, जो वर्तमान परिस्थितियों में पर्याप्त नहीं है।
260 से 340 रु. पहुंची सीमेंट की कीमतें
एसोसिएशन के मुताबिक प्रदेश में कंस्ट्रक्शन कार्यों में उपयोग होने वाले ओपीसी और पीसीसी सीमेंट की कीमतें पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश की तुलना में 70 से 80 रुपये प्रति बैग अधिक हैं। वर्तमान में राज्य में सीमेंट की कीमत करीब 340 रुपये प्रति बैग तक पहुंच गई है, जो कि पहले 260 रुपये थी। जबकि कच्चा माल प्रदेश में ही उपलब्ध है। एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष आलोक शिवहरे व कमलप्रीत ङ्क्षसह ओबेराय ने सीमेंट कंपनियों पर कर्टेल बनाने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार से जांच और हस्तक्षेप की अपील की है।
केंद्रीय मंत्रालयों से लेकर राज्य के विभागों को चिठ्ठी:-
छत्तीसगढ़ कि राजधानी रायपुर चैप्टर के चेयरमेन सुशील अग्रवाल ने बयान मे कहा कि बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने केंद्र व राज्य सरकार के विभिन्न विभागों को पत्र लिखी है। प्रधानमंत्री कार्यालय समेत वित्त मंत्रालय, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय, सडक़ एवं परिवहन मंत्रालय, कार्पोरेट अफेयर्स, शहरी विकास मंत्रालय, श्रम, जल शक्ति, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, रेलवे, भारी उद्योग मंत्रालय में ई-मेल से ज्ञापन सौंपा है।



