बिजली विभाग में निकला करोड़ों के काम का ठेका…अधिकारी अपने हितैषी ठेकेदार को काम दिलाने में जुटे..

35 से 40 प्रतिशत बिलो में दिया जा रहा टेंडर
RGHNEWS प्रशांत तिवारी रायगढ़। विद्युत विभाग में इन दिनों टेंडर को लेकर काफी जद्दोजहद चल रही है सभी अधिकारी अपने अपने हितैषी ठेकेदार को टेंडर दिला कर लाभ कमाने में जुटे हुए हैं जिससे बाहरी और लोकल ठेकेदार की परेशानी बढ़ गई है विभाग के अधिकारियों द्वारा टेंडर में नियम व शर्तों का ऐसा समावेश किया गया है कि बगैर अधिकारी की सांठगांठ के सामान्य प्रक्रिया से टेंडर मिलना लगभग नामुमकिन है। ठेकेदार को 35 से 40 प्रतिशत बिलो में काम लेना पड़ रहा है जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाकी बचे 60 प्रतिशत पैसे से ठेकेदार द्वारा कैसी गुणवत्ता का काम हो सकता है।
मिली जानकारी के अनुसार बिजली विभाग द्वारा अलग-अलग काम के लिए टेंडर निकाल कर अपलोड किया जा रहा है टेंडर अपलोड होने के पश्चात 21 दिन का समय टेंडर डालने के लिए ठेकेदार को मिलता है इस दौरान टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण होती है टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करने से पूर्व ही अधिकारियों से सांठगांठ कर ठेकेदार टेंडर अपने नाम करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं जिससे छोटे ठेकेदारों को सीधे टेंडर न मिलकर बड़े ठेकेदार से पेटी में काम लेना पड़ता है। इस मामले में बिजली विभाग जोन 1 के प्रभारी अभियंता सुनील साहू ने बताया कि टेंडर एसी ऑफिस के निकल रहा है उनके जोन में रोड पोल शिफ्टिंग, डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स में डीटी मीटर लगाना, मीटर रीडिंग जैसे कुछ काम पुसौर, घरघोड़ा व अन्य ब्लाक के लिए टेंडर निकालकर संबंधित ठेकेदार को काम करने के लिए अनुमति भी दे दी गई है।
60-70 प्रतिशत में कैसे होगा काम
बिजली विभाग के अधिकारियों की मानें तो एसी आफिस से टेंडर जारी किया जाता है लेकिन सुत्रो की मानें तो टेंडर मिलने पर 30से 40 प्रतिशत बिलों पर काम ठेकेदार को दिया जा रहा है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि काम की गुणवत्ता किस तरह की होगी और कैसी क्वालिटी का मटेरियल इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही कागजों में काम दर्शा कर बिल पास कराने पर ही ठेकेदार को लाभ हो सकता है।
15 करोड़ रुपए की मांग का भेजा गया प्रस्ताव
कार्यपालन अभियंता गुंजन शर्मा ने बताया कि टेंडर निकलना और काम कराया जाना सतत प्रक्रिया है समय-समय पर टेंडर निकाला जाता है जिसमें छोटे बड़े सभी ठेकेदार की लिए काम निकलता है राशि प्रतिशत के हिसाब से टेंडर दिया जाता है इसके लिए किसी ठेकेदार को विभाग के अधिकारियों का हितैषी कहना गलत है वर्तमान में पंप वाली एरिया में 15 सौ पंप लगाने के लिए 15 करोड़ रुपए की मांग शासन से की गई है ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ जगह पर पंप लगाए जा चुके हैं वर्तमान में 15 सौ पंप लगाना पेंडिंग है जिसके लिए प्रयास चल रहा है।
तबादला से पहले माल बटोरने में लगे अधिकारी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आगामी कुछ माह में सालों से जमे बिजली विभाग के अधिकारियों की तबादला सूची जारी होने वाली है जिसकी जानकारी सभी अधिकारी व कर्मचारी को हो गई है इसलिए जिले में बिजली विभाग के काम निकलने पर मनमाने ढंग से जेब भरने की कवायद अधिकारियों ने शुरू कर दी है अपने परिचित ठेकेदार को ठेका दिला कर उनसे अपना कमीशन पहले ही सेट किया जा रहा है।
सी एस सिंग अभियंता विद्युत विभाग
टेंडर एसी आफिस से निकलता है जिसमें सभी ठेकेदार समय अवधि तक टेंडर डाल सकते हैं। परिचित और गैर परिचय वाली कोई बात नहीं है।



