*✍️कोरोना के बीच अब निपाह वायरस का खतरा….अब यहाँ भी मिला निपाह वायरस का केस….जाने क्या है निपाह वायरस….*

कोरोना वायरस की दूसरी लहर का असर देश में अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. इस बीच एक और वायरस ने अपने पैर फैलाने शुरू कर दिए हैं. केरल में हाल ही में निपाह वायरस का मामला सामने आया था, अब तमिलनाडु में भी एक केस सामने आया है.
कोयंबटूर के जिलाधिकारी के मुताबिक, निपाह वायरस का एक केस उनके यहां पर मिला है. सभी तरह की सावधानियां बरती जा रही हैं. अब तेज़ बुखार के साथ जो भी सरकारी अस्पताल आ रहा है, उसकी सही तरीके से जांच की जाएगी.
इस निपाह वायरस ने तब हर किसी को हैरान कर दिया जब रविवार को केरल में एक 12 साल के बच्चे की इसकी वजह से मौत हो गई. केरल के कोझिकोडे में 12 साल के बच्चे का प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन उसने दम तोड़ दिया.
क्या है निपाह वायरस?
आपको बता दें कि निपाह वायरस सबसे पहले 1998 में मलेशिया में पाया गया था. भारत के पश्चिम बंगाल में 2001 में इसके कई मामले सामने आए थे. ये भी कोरोना वायरस की तरह ही खतरनाक है, हालांकि ये हवा से नहीं फैलता है.
निपाह वायरस जानवर से मनुष्यों में फैलता है. इसका भी मूल कारण चमगादड़ ही होता है, लेकिन ताजा माहौल में किसी मनुष्य से मनुष्य में भी वायरस फैलने का डर बताया जा रहा है. इसके अलावा सूअरों से भी निपाह वायरस फैलने का डर है.
निपाह वायरस से संक्रमित लोगों में तेज बुखार, खांसी, थकान, सांस लेने में तकलीफ, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द और एनसीफिलाइटिस जैसे लक्षण दिख सकते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि एनसीफिलाइटिस होने पर दिमाग में सूजन आ जाती है और ऐसे में मरीज की मौत तक हो सकती है।



