हड़ताल के तीसरे दिन भी दिखी असर,एसईसीएल की स्वामित्व वाली खदान छाल, बरौद, बिजारी, व जामपाली से हड़ताल के तीन दिनों में एक छटाक कोयला भी नहीं हुआ डिस्पैच

RGHNEWS प्रशांत तिवारी बरौद कालरी :- विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तीन दिवसीय हड़ताल के पूर्व 28 जून के तिथि में एसईसीएल रायगढ़ क्षेत्र के विभिन्न कोयला खदानों में कोयले का संप्रेषण कुल बीस हजार चार सौ चौसठ टन था तो मिट्टी उत्खनन कुल पैसठ हजार सात सौ नवासी क्युबिक मीटर दर्ज की गई थी! समझा जा सकता है कि 2 से 4 जुलाई से एसईसीएल के स्वामित्व वाली रायगढ़ क्षेत्र की छाल, बरौद, जामपाली, बिजारी उपक्षेत्रों की खदानों में विभागीय व ठेका कोयला श्रमिकों को शून्य दैनिक हाजिरी दर्ज होने से उत्पादन उत्पादकता व कोयले का संप्रेषण ठप्प रहने से कंपनी को करोड़ो का नुकसान उठाना पडा़! बता दें कि एक छटाक भी कोयला का डिस्पैच एसईसीएल की स्वामित्व वाली खदानों से नहीं हुआ यानी गारे-पेलमा को छोड़ दिया तब सौ फीसदी सफल रही हड़ताल एसईसीएल रायगढ़ क्षेत्र से ही तीन दिनों की हड़ताल से साठ करोड़ रुपयों की छति कंपनी को उठानी पड़ी वहीं दूसरी ओर कोयला व्यवसाई ट्रांसपोर्ट कंपनियों की गाड़ियां भी हड़ताल के कारण जिनके पहिए थमने से वाहन मालिकों को भी लाखों रुपयों की छति उठानी पड़ी !
हड़ताल के तीसरे दिन समाचार लिखे जाने तक छाल, बरौद, जामपाली, बिजारी उपक्षेत्रों में हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला एसईसीएल की स्वामित्व वाली खदान की सड़कें व पोखरियों में विरानी देखी गई ! ट्रेड यूनियनों की मोर्चा संगठन से मिली जानकारी के अनुसार कमर्शियल माइनिंग नीति लागू किए जाने के विरोध में केंद्रीय संयुक्त ट्रेड यूनियनों के आव्हान पर कोल इंडिया व एसईसीएल सहित तमाम अनुषांगिक कंपनियों में तीन दिवसीय हड़ताल से एक अनुमान के अनुसार तीन सौ करोड़ रुपयों का कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा है! बताया यह भी जा रहा है कि इस तीन दिवसीय हड़ताल के कारण कंपनी में हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने हड़ताल करने वाले कर्मचारियों से आठ दिनों का जिनके वेतन से कटौती किए जाने का फरमान भी जारी कर दिया गया है! मिली जानकारी के अनुसार कोल इंडिया के तकरीबन तीन लाख कोयला कामगारों ने हड़ताल में भाग लिया
कारीछापर रेल्वे साइडिंग भी प्रभावित
एसईसीएल रायगढ़ क्षेत्र का हृदय स्थल बरौद कालरी के समीप कारीछापर रेल्वे साइडिंग में रैक आकर खड़ी हुई है हड़ताल की वजह से जामपाली, बरौद, बीजारी से उत्पादित कोयला को दुरस्थ प्रदेशों को शीघ्रता से गंतव्य तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम रेल्वे साइडिंग में रैक लोडिंग का कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है, यहां भी कंपनी को रैक के फंसे होने से लाखों का डैमरेज देनी होगी|
संयुक्त मोर्चा का हुआ संघन दौरा
रायगढ़ कोयलांचल में हड़ताल को गति प्रदान करने सटीक रणनीति आज सयुंक्त मोर्चा अपने अंतिम दिन के आंदोलन को मूर्तरूप देने आज सुबह कार्यालय रायगढ़ पहुंचे वंहा से दोपहर बरौद,जामपाली तथा रेलवे साइडिंग होते हुए छाल रवाना हुए|



