RBI Repo rate: RBI ने Repo Rate में नहीं किया बदलाव, लोन सस्ता होने की उम्मीदों को झटका
RBI Repo rate भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला किया है। मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने ये फैसला किया है। बताते चलें कि आरबीआई एमपीसी की बैठक इस हफ्ते सोमवार को शुरू हुई थी, जिसके बाद आज आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी की बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा की। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल अभी तक रेपो रेट में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई ने आखिरी बार दिसंबर 2025 में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी।
कच्चे तेल में उछाल और खुदरा महंगाई का दिखेगा असर
बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) और केयर एज (Care Edge) के अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में दरें बढ़ाने की संभावना काफी प्रबल हो गई है. उनके मुताबिक जून के महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई, जो 17 महीनों में पहली बार आरबीआई के 4% के मध्यम अवधि के लक्ष्य को पार कर गई है. 17 जून के बाद से 31 जुलाई 2026 के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम करीब 11% तक चढ़ चुके हैं. इसी दौरान विदेशी निवेशकों की बिकवाली (FII Outflows) की वजह से भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले फिसलकर 95.34 के स्तर पर आ गया है, जबकि अमेरिका 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में भी 16 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
जून नीति समीक्षा की स्थिति
इससे पहले 5 जून को हुई नीति समीक्षा बैठक में आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखते हुए वित्त वर्ष के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान को 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया था और महंगाई अनुमान को 4.6% से बढ़ाकर 5.1% किया था.


