Raigarh News : “पहली बारिश में बह गए विकास के दावे”, रायगढ़ बना ‘तालाबगढ़’ : कांग्रेस

Raigarh News : रायगढ़। रायगढ़ नगर निगम की भाजपा- शहर सरकार के विकास मॉडल की सच्चाई पहली बारिश ने जनता के सामने उजागर कर दी है। करोड़ों रुपये के नाला-नाली सफाई अभियान, नई नालियों के निर्माण और विकास के बड़े-बड़े दावों की हकीकत यह है कि आज शहर की मुख्य सड़कें नदी बन चुकी हैं और चौक-चौराहे तालाब का नजारा प्रस्तुत कर रहे हैं।

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शाखा यादव व नगर निगम नेताप्रतिपक्ष शेख सलीम नियारिया ने संयुक्त रूप से विज्ञप्ति जारी कर कहा कि नगर निगम हर वर्ष नाला-नाली सफाई के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करने करती है पर नतीजा शून्य ही रहता है। यदि सुलभ जलनिकासी की दृष्टि से सफाई की ठोस कार्ययोजना बनाकर कार्य की गई होती तो, बारिश का पानी सड़कों पर नहीं, नालियों में बहता और शहर के नागरिक घुटनों तक पानी में चलने को मजबूर नहीं होते लेकिन रायगढ़ में तो तस्वीर उल्टी है—नालियां जाम हैं सड़कें नदी में तब्दील हो गए हैं और जनता परेशान है, शहर सरकार के दावे पानी में बह रहे हैं।
कांग्रेस नेताद्वय ने कहा कि संजय मार्केट में हर महीने सफाई के नाम पर सब्जी मार्केट बंद कर शहर सरकार सफाई कार्य करवाती है और हाल ही में नई नाली का निर्माण भी कराया गया है, लेकिन पहली ही बारिश में पूरा संजय मार्केट जलभराव का शिकार हो गया। इससे साफ है कि विकास कार्य केवल फोटो खिंचवाने और वाहवाही लूटने तक ही सीमित रहा। शहर की जनता जानना चाहती है—जब नई नाली भी पानी नहीं निकाल पा रही, तो आखिर यह कैसा विकास हुआ?
शहर के हृदय स्थल सुभाष चौक सहित अनेक वार्डों और प्रमुख मार्गों पर जलभराव ने व्यापारियों, विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों और रोज़मर्रा के कामकाजी लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दुकानों में पानी घुस रहा है, राहगीर जोखिम उठाकर सफर कर रहे हैं,लोग कीचड़,गंदे पानी और जाम की समस्या से जूझ रहे हैं जबकि शहर सरकार के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि केवल दावों की कागजी नाव चला रहे हैं।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा की शहर सरकार ने शायद रायगढ़ को “स्मार्ट सिटी” नहीं, बल्कि “वॉटर पार्क” बनाने का लक्ष्य तय कर लिया है। हर बारिश के बाद शहर की सड़कें जलाशय में बदल जाती हैं और विकास के दावे कागज़ों तक सिमट जाते हैं। लगता है नगर निगम ने जलनिकासी की नहीं, जलभराव की स्थायी व्यवस्था कर दी है।
भाजपा के जनप्रतिनिधियों के द्वारा हमेशा विकास के बड़े-बड़े दावे करने के बाद भी वर्तमान की शहर की समस्याओं को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि रायगढ़ “मॉडल सिटी” बनने की राह पर “स्विमिंग सिटी” जरुर बन गया है। जहाँ हर बारिश के बाद सड़कें नहीं बल्कि अस्थायी तालाब दिखाई देते हैं।
दोनों कांग्रेस नेताओं ने कांग्रेस की ओर से मांग की है कि नाला-नाली सफाई अभियान और हाल ही में हुए निर्माण कार्यों की स्वतंत्र, निष्पक्ष जांच व समीक्षा कराई जाए, दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाए तथा शहरवासियों को जलभराव की समस्या से तत्काल राहत दिलाई जाए।

उन्होंने कहा कि जनता अब केवल दावे नहीं, जमीन पर परिणाम चाहती है। शहर को तस्वीरी प्रचार नहीं, पुख्ता जलनिकासी व्यवस्था चाहिए।



