Raigarh News: इंदिरा नगर में पेयजल संकट, पार्षद ने अपने ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

Raigarh News रायगढ़, 13 दिसंबर। शहर के इंदिरा नगर में पेयजल संकट से त्रस्त महिलाओं और उनके बच्चों के साथ पार्षद ने निगम कार्यालय में जमकर नारेबाजी की। अपने ही सरकार के खिलाफ आग उगलने वाले कांग्रेसी पार्षद तभी माने, जब महापौर ने जल समस्या से प्रभावित क्षेत्र में स्वयं जाकर निरीक्षण करने की बात कही।
रायगढ़ को स्वच्छ और सुंदर बनाने का सपना देखने वाली शहर सरकार निगम क्षेत्र में पानी सप्लाई करने में भी नाकाम साबित हो रही है, वरना युवा कांग्रेसी पार्षद उनकी मुखालफत के लिए नगर निगम में हो हल्ला नहीं मचाते। दरअसल, वार्ड क्रमांक 7 यानी इंदिरा नगर स्थित गंगाराम तालाब क्षेत्र में बीते एक पखवाड़े से लोगों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। मोहल्ले की कमरुन निशा बताती हैं कि पिछले 2 साल से लोग जल संकट से जूझ रहे हैं। निगम का बोर पम्प 8 से 15 रोज में बिगड़ रहा और कर्मचारी उसे बनाने जाते हैं, लेकिन एक पखवाड़े से उनको पेयजल के लिए जो झंझावतें करनी पड़ रही है, उससे उनका सब्र का बांध जब के गया है। अगर ठंड के मौसम में ऐसा हाल है तो गर्मी में तो उनकी हालत खराब हो जाती है।
निगम कार्यालय में वार्ड नंबर 7 के पार्षद आरिफ हुसैन जब वार्डवासियों के साथ पहुंचे और नारेबाजी करने लगे तो भीड़ को देख कर्मचारी-अधिकारी चुपके से खिसक गए। यही वजह रही कि किसी जिम्मेदार के नहीं आने पर बौखलाई महिलाओं ने अपने बच्चों के साथ निगम प्रशासन के इस लापरवाही पर अपनी जमकर भड़ास भी निकाली। वहीं, निगम दफ्तर में हो हल्ला की भनक लगने पर उपायुक्त सुतीक्षण यादव ने नारे लगा रहे लोगों को शांत कराते हुए उनकी समस्या सुनी जरूर, लेकिन गंगाराम तालाब में जल समस्या की दुरुस्ती के लिए नए बोर पम्प मशीन की मांग को लेकर महिलाएं अड़ी रहीं।
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Raigarh News: पार्षद आरिफ हुसैन की शिकायत थी कि उनके वार्ड में जलसंकट गहराने की गंभीर समस्या को लेकर वे वार्डवासियों के साथ निगम कार्यालय पहुंचे तो कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। निगम के कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक बहरे बने रहे। उनके वार्ड की समस्या के निराकरण के लिए न कोई रुचि नहीं ले रहे और न ही कहीं सुनवाई हो रही है। उनके वार्ड में बीते 15-20 रोज से पानी का प्रेशर नहीं बन रहा है। अमृत मिशन का पानी तक नहीं पहुंचता, इसलिए उनको वार्डवासियों के संग निगम आना पड़ा। वहीं, महापौर श्रीमती जानकी काटजू
ने जब आरिफ और उनके साथ निगम पहुंचे लोगों की आपबीती सुनते हुए बुधवार को वार्ड क्रमांक 7 में जाकर निरीक्षण करने का ठोस आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर इंदिरा नगर के आक्रोशित लोगों का गर्म पारा शांत हुआ।



