CBSE 3rd Language Rule 2026: CBSE में 1 जुलाई से लागू होगा नया नियम, अब 9वीं-10वीं में तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य

CBSE 3rd Language Rule 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 1 जुलाई से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का नियम अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, कक्षा 10 में तीसरी भाषा के लिए कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। परिपत्र में कहा गया है, ‘1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के लिए तीन भाषाओं (आर1, आर2, आर3) का अध्ययन अनिवार्य होगा, जिनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की भाषाएं होनी चाहिए।’ सीबीएसई के परिपत्र के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और स्कूल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा (एनसीएफ-एसई) 2023 के अनुरूप, तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय मूल की भाषाएं होनी चाहिए।
क्या कहता है नया नियम
बता दें कि, सीबीएसई माध्यमिक विद्यालय के पाठ्यक्रम के अनुसार संबंधित भाषा विषयों को तीन स्तर आर1, आर2 और आर3 में बांटा गया है। आर1 छात्र की मुख्य भाषा होगी, आर2 एक अलग भाषा होगी और आर3 शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 से अनिवार्य होगी और 2030-31 तक कक्षा 10 तक पूरी तरह से लागू हो जाएगी। आर1 और आर2 स्तर पर चुनी गई भाषाएं एक जैसी नहीं हो सकतीं और इन्हें एक से अधिक स्तरों पर एक साथ नहीं पढ़ाया जाना चाहिए। सीबीएसई की अधिसूचना में कहा गया है, “भाषाओं में भारत की दो आधिकारिक भाषाएं यानी हिन्दी, अंग्रेजी और 42 अन्य भाषाएं शामिल हैं। इस प्रकार, भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध सभी अनुसूचित भाषाओं के अलावा, अन्य भारतीय क्षेत्रीय भाषाएँ और विदेशी भाषाएं भी पढ़ाई जा रही हैं।”
नौवीं कक्षा से दो स्तरीय गणित और विज्ञान
CBSE 3rd Language Rule 2026गणित और विज्ञान में 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से दो-स्तरीय प्रणाली लागू होगी। सभी छात्र गणित के मानक पाठ्यक्रम का अध्ययन करेंगे, जिसमें तीन घंटे की 80 अंकों की एक सामान्य परीक्षा शामिल है, जबकि उन्नत घटक में उच्च-स्तरीय सोच कौशल (HOTS) का परीक्षण करने के लिए 25 अंकों का एक अलग प्रश्नपत्र होगा। नया पाठ्यक्रम मौजूदा बुनियादी और मानक गणित प्रणाली का स्थान लेगा; गणित और विज्ञान में दो स्तरीय प्रणाली (मानक + उन्नत) 2026-27 में शुरू होगी, और 10वीं कक्षा की पहली बोर्ड परीक्षा 2028 में आयोजित की जाएगी।


