कोरोना वायरस की महामारी के बीच सऊदी अरब के हाथ लगे दो बड़े खजाने,पढ़ें पूरी खबर RGHNEWS के साथ

RGHNEWS कोरोना वायरस की महामारी के बीच सऊदी अरब को एक बड़ा खजाना हाथ लगा है. सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने किंगडम के उत्तरी हिस्से में दो नए तेल और गैस भंडार खोजे हैं. सऊदी के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुल अजीज ने आधिकारिक प्रेस एजेंसी (एसपीए) के जरिए रविवार को ये जानकारी दी.
अल-जउफ इलाके में स्थित गैस भंडार को हदबत अल-हजरा गैस फील्ड और उत्तरी सीमाई इलाके के तेल भंडार को अबराक अल तालूल का नाम दिया गया है. प्रिंस अब्दुल अजीज ने प्रेस एजेंसी एसपीए से बातचीत में बताया कि हदबत अल-हजरा फील्ड के अल सरारा रिजरवायर से 16 मिलियन क्यूबिक फीट प्रतिदिन की दर से प्राकृतिक गैस निकली है और इसके साथ 1944 बैरल कंडेनसेट्स भी निकला है.
वहीं, अबरक अल-तुलूल से हर दिन करीब 3,189 बैरल अरब सुपर लाइट क्रूड निकल सकता है. साथ ही 1.1 मीलियन क्यूबिक फीट गैस निकल सकती है.अरामको गैस और ऑय फील्ड में मिलने वाले तेल, गैस और कंडेंसेट की गुणवत्ता की जांच करना शुरू करेगी. प्रिंस अब्दुल अजीज ने बताया कि तेल और गैस भंडार के इलाके और आकार का सटीक पता लगाने के लिए और कुएं खोदे जाएंगे.
वेनेजुएला के बाद सऊदी अरब के पास सबसे ज्यादा प्रामाणिक तेल भंडार हैं. दुनिया भर के भंडार में सऊदी की हिस्सेदारी 17.2 फीसदी है. हालांकि, सऊदी के पास तेल के मुकाबले गैस भंडार कम हैं और वैश्विक गैस भंडार में उसकी हिस्सेदारी सिर्फ 3 फीसदी ही है.
इसी महीने, टर्की ने भी काला सागर में ऊर्जा का एक भंडार खोजा था. टर्की के राष्ट्रपति रेचैप तैय्यप अर्दोवान ने इसे टर्की के इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस की खोज बताया था. इस्तांबुल में प्रेस कॉनफ्रेंस करते हुए अर्दोवान ने कहा था कि टर्की के फतेह नामक ड्रिलिंग जहाज ने 320 अरब क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस भंडार टूना-1 कुएं में पाया है. अर्दोवान ने कहा था कि हमारा लक्ष्य काले सागर से गैस निकालकर 2023 तक इसे इस्तेमाल करने का है.अर्दोवान ने कहा था कि टर्की को पूर्वी भूमध्यसागर से ‘खुशखबरी’ की उम्मीद है. इस इलाके में भी टर्की गैस की खोज कर रहा है.



