*✍️कोरोना संक्रमण को लेकर सचिव सरपंच की लापरवाही हुई उजागर , गांव के रसूखदार लोगो के सामने सरपंच सचिव हुए नतमस्तक✍️*

RGHNEWS प्रशांत तिवारी रायगढ़। जिले के सारंगढ़ थाना अंतर्गत आने वाले फरसवानी गांव में वैश्विक महामारी कोरोना को लेकर गांव के सरपंच व सचिव लालबहादुर निषाद द्वारा एक बड़ी लापरवाही की गई। दरअसल गांव के रसूखदार घराने से ताल्लुक रखने वाले पति पत्नी जो बैंगलोर में रहते थे। वे 28 जून को हवाई जहाज से रायपुर पहुंचे। जहां से वो निजी वाहन में अपने गांव पहुंचे चूंकि बैंगलोर से वापस गांव आने वाले पति पत्नी गांव के बड़े रसूखदार थे। जिसके वजह से गांव का सरपंच व सचिव उनके सामने नतमस्तक हो गया व बैंगलोर से लौटने वाले पति पत्नी की ट्रैवल हिस्ट्री को शुरुआत में पूरी तरह छिपाने का प्रयास किया गया लेकिन जब पूरे गांव में चारो ओर हल्ला मच गया कि पति पत्नी बैंगलोर से लौटा है और उसे ना होम कोरांटाइन में भेजा गया ना ही गांव के कोरंटाइन सेंटर में भेजा गया।
जिसके बाद आनन फानन में गांव के लापरवाह सरपंच व सचिव लालबहादुर निषाद द्वारा बैंगलोर से 28 जून को लौटे पति पत्नी को 5 जुलाई को होम कोरांटाइन में भेजा गया व 28 जून से 5 जुलाई तक सरपंच सचिव द्वारा मामले को दबाने की पुरजोर कोशिश की गई। ग्रामीणों का कहना है 5 जुलाई को बैंगलोर से 28 जून को लौटे पति पत्नी को होम कोरंटाइन में भेजा गया लेकिन होम कोरेंटाइन में भेजे गए पति पत्नी के घर वालो ने बिल्कुल भी नियम का पालन नहीं किया व वो अपने गांव में रसूखदार घराने से होने का फायदा उठाकर सार्वजनिक रूप से घूमते रहे और गांव के तमाम ग्रामीणों के संपर्क में आए। जब बैंगलोर से लौटे दंपति में पत्नी की रिपोर्ट 13 जुलाई को पॉजिटिव आयी तो पूरे गांव वाले के होश उड़ गए व पूरे गांव में दहशत व सनसनी फैल गया।
जिला कलेक्टर द्वारा कुछ दिन पहले कड़ाई से निर्देश दिया गया था कि जो व्यक्ति अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छिपाने का प्रयत्न करेंगे व कोरोना को लेकर लापरवाही बरतेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी लेकिन जिले के गांवों के सचिव सरपंच व रसूखदार लोग गांवों में अपनी मनमानी कर रहे हैं ऐसे सचिव सरपंच के खिलाफ जिला प्रशाशन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है।



