हड्डियों से आने वाली कट-कट की आवाज है 3 बीमारियों का संकेत – RGH NEWS
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हड्डियों से आने वाली कट-कट की आवाज है 3 बीमारियों का संकेत

नई दिल्ली:  Bone health: उम्र बढ़ने के साथ हमारे शरीर में तमाम तरह की दिक्कतें होने लगती हैं. उनमें से एक है हड्डियों से आने वाली कट-कट की आवाज. ऐसी आवाज आने के तीन प्रमुख कारण होते हैं. पहला होता है मासंपेशियों में खिचाव, दूसरा उम्र बढ़ना और तीसरा गठिया. अगर समय के साथ इसका इलाज नहीं किया जाए तो ये बीमारियां बढ़ती चली जाती हैं. हालत गंभीर होने से पहले हमें इसका उपाय करना चहिए. तो चलिए जानते हैं ऐसे पांच काम जो हमें शुरू करने चाहिए.

खुद को रखें शांत 

दरअसल, बढ़ती उम्र के साथ ही जोड़ों के कुछ कार्टिलेज खराब हो जाते हैं, जिसके चलते हड्डियों से कट-कट की आवाज आती है. कई बार इस तरह की आवाज दर्द या सूजन के साथ होती हैं, या चोट लगने के बाद होती हैं. तो समय रहते हमें इसका इलाज करना चाहिए. सबसे पहले तो हमें शांत रहने की कोशिश करनी चाहिए. कई लोगों को उंगलियों या किसी जोड़ को फोड़ने की आदत है, तो आपको ऐसा करने से बचना चाहिए. क्योंकि इस तरह के लोग अक्सर अपने जोड़ों, गर्दन, या पीठ को चटकाने की कोशिश करते रहते है, जिससे दिक्कतें बढ़ती हैं.

फिजिकल एक्टिविटीज पर ध्यान दें

फिजिकल एक्टिविटीज को हमें लगातार करना चाहिए. क्योंकि एक ही जगह पर ज्यादा देर तक बैठने से भी आप अकड़ सकते हैं और आपको जोड़ों में से आवाज आ सकती है. यदि आप पूरे दिन डेस्क पर बैठते हैं तो कम से कम हर आधे घंटे में उठने की आदत डालें.

स्ट्रेचिंग करने से मिलेगी मदद

स्ट्रेचिंग करने से भी हड्डियों से आने वाले कट-कट की आवाज से आप निजात पा सकते हैं. ऐसा करने से आपके जोड़ों को चिकना करने में मदद मिलेगी. इसलिए आपको रोजाना हल्की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करनी चाहिए.

तनाव से बढ़ती है समस्या

तनाव भी आजकल हर बीमारी की वजह बन जाता है. कुछ लोग तनाव के चलते जोड़ों को चटकाते रहते हैं. तनाव से निपटने के लिए आपको गहरी सांस लेना, ध्यान, या एक स्ट्रेस बॉल का सहारा लेना जैसे उपायों को आजमाना चाहिए.

रोजाना एक्सरसाइज जरूर करें

साथ ही आपको रोजाना एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए. फिट रहने के लिए प्रति सप्ताह 150 मिनट एक्सरसाइज करने की कोशिश करें. ऐसी गतिविधियां चुनें जो आपकी उम्र और जीवन शैली के अनुसार हो. इस दौरान आप कोई भी शारीरिक गतिविधि, जैसे घर का काम, बागवानी, या छोटी सैर व्यायाम दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं.

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