Health Tips:मानसून का समय निश्चित रूप से गर्मी से राहत प्रदान करता है, लेकिन इसके साथ-साथ यह संक्रमण, फूड पॉइजनिंग और पेट से संबंधित बीमारियों के बढ़ते जोखिम को भी लेकर आता है। इस मौसम में वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे बैक्टीरिया और फंगस तेजी से विकसित होते हैं। इसी कारण चिकित्सक इस समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि यदि हम सही आहार का पालन करें, तो न केवल संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है, बल्कि इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूती मिलती है।
, “मानसून में शरीर को ऐसे खाद्य पदार्थों की जरूरत होती है, जो आसानी से पच जाएं, ताजे हों और इम्युनिटी को बेहतर बनाए रखें. इस मौसम में बाहर का खुला और बासी खाना खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे फूड इंफेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
बारिश में ये 7 चीजें जरूर खाएं
1. मौसमी फल
सेब, अनार, नाशपाती, पपीता और अमरूद जैसे ताजे फल विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं. इन्हें अच्छी तरह धोकर ही खाएं.
2. अदरक और लहसुन
अदरक और लहसुन में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं. इन्हें रोजमर्रा के भोजन में शामिल करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को समर्थन मिलता है.
3. हल्दी
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन शरीर में सूजन कम करने और संक्रमण से लड़ने में मददगार माना जाता है. इसे दाल, सब्जी या हल्दी वाले दूध के रूप में लिया जा सकता है.
4. प्रोटीन युक्त भोजन
मूंग दाल, मसूर दाल, पनीर, अंडा, दही और अंकुरित अनाज जैसे प्रोटीन स्रोत शरीर की मरम्मत और इम्युनिटी बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं.
5. विटामिन-सी वाले खाद्य पदार्थ
आंवला, नींबू, अमरूद और शिमला मिर्च जैसे खाद्य पदार्थ शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं.
6. गर्म सूप और हर्बल ड्रिंक
गर्म सूप, नींबू पानी और अदरक-तुलसी जैसी हर्बल ड्रिंक शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ मौसम में होने वाली असहजता को कम करने में मदद कर सकती हैं.
7. पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी
बारिश के मौसम में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है. हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं.
मानसून में इन चीजों से रहें दूर
डॉक्टर के अनुसार मानसून में कुछ खाद्य पदार्थ संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकते हैं.
- सड़क किनारे मिलने वाला खुला खाना
- बासी या कई घंटे पहले बना भोजन
- कटी हुई फल और सलाद, जो लंबे समय तक खुले में रखे हों
- अधपका मांस, मछली और अंडा
- गंदे पानी से बनी बर्फ और पेय पदार्थ- अत्यधिक तला
- भुना और मसालेदार भोजन
- बिना धोए फल और सब्जियां
डॉ. कहते हैं, “मानसून में पाचन तंत्र थोड़ा संवेदनशील हो सकता है. इसलिए हल्का, ताजा और घर का बना भोजन सबसे सुरक्षित विकल्प है. भोजन बनाने और खाने से पहले हाथों की सफाई तथा रसोई की स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखें.”इम्युनिटी बढ़ाने के लिए अपनाएं ये आदतेंविशेषज्ञों का कहना है कि केवल पौष्टिक भोजन ही काफी नहीं है. पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि, तनाव पर नियंत्रण और पर्याप्त पानी पीना भी मजबूत इम्युनिटी के लिए जरूरी है. इसके अलावा, ताजे भोजन का सेवन करें और भोजन को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर न रखें.
डॉक्टर की सलाह
“मानसून में छोटी-सी लापरवाही भी पेट के संक्रमण, उल्टी-दस्त और वायरल बीमारियों का कारण बन सकती है. यदि लगातार पेट दर्द, उल्टी, दस्त या तेज बुखार जैसी समस्या हो तो घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से तुरंत सलाह लें. सही डाइट और स्वच्छ खानपान ही इस मौसम में स्वस्थ रहने का सबसे प्रभावी तरीका है.
“विशेषज्ञों का मानना है कि:-
मानसून में संतुलित और स्वच्छ आहार अपनाकर संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. यदि खानपान के साथ स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली पर भी ध्यान दिया जाए, तो पूरे बारिश के मौसम में शरीर को स्वस्थ और इम्युनिटी को मजबूत रखा जा सकता है.