प्रधानमंत्री मोदी कल पहुंचेंगे केदारनाथ,जानें 8 साल में कितना बदल गया भोले शंकर का ये धाम,क्या बोले मंदिर के पुरोहित

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) शुक्रवार को उत्तराखंड के केदारनाथ (Kedarnath) ज्योतिर्लिंग की यात्रा करेंगे. पीएम की इस यात्रा को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. केदारनाथ दर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदि शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) की समाधि का लोकार्पण करेंगे. इस समाधि को 2013 की बाढ़ में नष्ट होने के बाद दोबारा बनाया गया है.
क्या बोले मंदिर के पुरोहित
केदारनाथ मंदिर के पुरोहित बागीश लिंग ने कहा है-हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करेंगे. पीएम मोदी सुबह में पहुंचेंगे. वो महारुद्राभिषेक कर देश की समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना करेंगे. इसके अलावा वो आदि शंकराचार्य की समाधि का भी लोकार्पण करेंगे. पूरे मंदिर को फूलों से सजाया गया है.
जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 6:30 बजे केदारनाथ पहुंचेंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक पीएम के कार्यक्रम से अन्य कई बड़े नेता भी जुड़ेंगे. गुजरात बीजेपी के अध्यक्ष सीआर पाटिल सोमनाथ मंदिर से तो झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष निशिकांत दुबे देवघर मंदिर से जुड़ेंगे. कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़ने वाले नेताओं में डॉ. जितेंद्र सिंह भी होंगे जो श्रीनगर के शंकराचार्य मंदिर से जुड़ेंगे. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उज्जैन महाकाल मंदिर तो यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ काशी विश्वनाथ मंदिर में मौजूद होंगे.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने किया ट्वीट
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट किया है-कल श्री केदार धाम की भव्यता को एक नया आयाम मिलने वाला है, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कर कमलों से आदि शंकराचार्य जी की पवित्र समाधि एवं भव्य प्रतिमा का लोकार्पण किया जाएगा.
15 जनवरी, 2020 में उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री समेत प्रदेश के 51 मंदिरों का प्रबंधन हाथ में लेने के लिए ‘चार धाम देवस्थानम बोर्ड’ बनाया था। मंदिरों के पुरोहितों ने मंदिरों के सरकारीकरण का विरोध किया। उत्तराखंड सरकार के इस कदम को हिन्दुओं की आस्था में दखल करार देते हुए साधु-संत और पुरोहितों समाज एकजुट हो गया। पिछले सवा साल से लगातार इस फैसले के खिलाफ उत्तराखंड में आंदोलन जारी था।
चारधाम तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत के अध्यक्ष के कोटियाल के मुताबिक, यह बोर्ड एक तरह से हिन्दू धर्मस्थल मंदिरों में सरकारी कब्जे की कोशिश है। बोर्ड बनने से पहले तक इन मंदिरों की देखभाल पुरोहितों के जिम्मे थी, मंदिर पर चढ़ने वाले चढ़ावे को पुरोहित ही संभालते थे। बोर्ड बनने के बाद पुरोहित मंदिरों की जिम्मेदारी तो उठा रहे हैं, लेकिन उन पर चढ़ने वाले चढ़ावे का ब्यौरा सरकार रखती है।
180 करोड़ के नए प्रोजेक्ट का शिलान्यास
इसके अलावा प्रधानमंत्री (Narendra Modi) 180 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. इन परियोजनाओं में संगम घाट का पुनर्विकास, प्राथमिक चिकित्सा और पर्यटक सुविधा केन्द्र, प्रशासनिक कार्यालय एवं अस्पताल, दो गेस्ट हाउस, पुलिस स्टेशन, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, मंदाकिनी आस्थापथ कतार प्रबंधन एवं रेनशेल्टर और सरस्वती नागरिक सुविधा भवन भी शामिल हैं. जिन परियोजनाओं का प्रधानमंत्री 5 नवंबर को उद्घाटन करेंगे, उनकी आधारशिला भी प्रधानमंत्री ने ही रखी थी.
पुरोहितों की चिंता यह भी है कि यह बोर्ड मंदिर की संपत्ति और जमीन पर सरकारी कब्जे की कोशिश है। कोटियाल कहते हैं कि सरकार ने इतना बड़ा कानून बनाने से पहले इस मामले के मूल पक्षकारों यानी पुरोहित समाज से चर्चा तक नहीं की।
अभी कितने मंदिरों पर है सरकारी कब्जा
राज्य के 51 मंदिरों पर बोर्ड का कब्जा है। इसमें गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ शामिल हैं। इन मंदिरों में बोर्ड नियामक बॉडी की तरह काम करता है।
मौजूदा सीएम की कैबिनेट में एक बार भी नहीं हुई चर्चा
मौजूदा CM पुष्कर धामी को मुख्यमंत्री बने करीब चार महीने से ऊपर का समय हो गया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो उनकी कैबिनेट में एक बार भी इस मामले को लेकर चर्चा नहीं हुई। अब जबकि चुनाव करीब हैं। संत समाज ने चेतावनी दी थी कि वह PM दौरे का विरोध करेंगे। हालांकि धामी की पुरोहितों के साथ हुई बंद कमरे में बैठक के बाद विरोध पर आमादा संत समाज थोड़ा नरम दिखाई पड़ रहा है।
PM केदारनाथ में करोड़ों के प्रोजेक्ट्स का करेंगे शिलान्यास और उद्घाटन
PM मोदी केदारनाथ में आदि शंकराचार्य की समाधि का शिलान्यास करेंगे और उनकी प्रतिमा का अनावरण करेंगे। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के मुताबिक प्रधानमंत्री वहां 150 करोड़ रु. की लागत से शुरू होने वाले कई प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे। साथ ही वे उत्तराखंड में करीब 250 करोड़ रु. की लागत से बनकर तैयार हुए अलग-अलग बुनियादी ढांचों का भी उद्घाटन करेंगे।



