जाने ओमिक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट पर कितनी असरदार है कोवैक्सीन की बूस्टर डोज?

नई दिल्ली: भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने दावा किया है कि कोवैक्सीन का बूस्टर डोज (Covaxin Booster Dose) कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट को बेअसर करने में कारगर है. कंपनी ने कहा कि अमेरिका के एमोरी विश्वविद्यालय में की गई स्टडी में यह बात साबित हुई है.
पहले के पांचों वेरिएंट पर निकली असरदार
कंपनी ने कहा कि इससे पहले की स्टडी में साबित हुआ था कि कोरोना के अल्फा, बीटा, डेल्टा, जेटा और कप्पा जैसे चिंताजनक वेरिएंट के खिलाफ भी कोवैक्सीन (Covaxin) की क्षमता बेजोड़ है. हैदराबाद की दवा कंपनी भारत बायोटेक ने कहा कि हालिया रिसर्च में पता चला कि जिन लोगों ने कोवैक्सीन की दोनों डोज लगवा रखी हैं. उन्होंने जब 6 महीने बाद कोवैक्सीन की बूस्टर डोज लगवाई तो कोरोना के ओमिक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट को बेअसर कर दिया.
‘बूस्टर डोज से लंबे समय तक सुरक्षा’
कंपनी ने दावा किया कि वैक्सीन की बूस्टर डोज (Covaxin Booster Dose) से कोरोना से लंबे समय तक सुरक्षा मिलेगी. इसके शानदार नतीजे पहले ही ट्रायल के दौरान देख लिए गए हैं. भारत बायोटेक ने कहा है कि कोवैक्सीन की बूस्टर डोज पूरी तरह सुरक्षित है और इम्युनिटी बनाने में सफल साबित हुई है. इसकी डोज लेने वाले 90 प्रतिशत लोगों में कोरोना के वाइट टाइप स्ट्रेन के खिलाफ एंटीबाडी प्रतिक्रिया भी देखी गई है.
‘ओमिक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट से सेफ्टी’
एमोरी वैक्सीन सेंटर के असिस्टेंट प्रोफेसर मेहुल सुथर ने कहा, इस प्रारंभिक डेटा से पता चलता है कि कोवैक्सीन की बूस्टर डोज (Covaxin Booster Dose) लेने वाले लोगों को ओमिक्रॉन और डेल्टा दोनों वेरिएंट्स से महत्वपूर्ण सुरक्षा हासिल होती है. इन निष्कर्षों से पता चलता है कि बूस्टर डोज से रोग की गंभीरता और अस्पताल में भर्ती होने की क्षमता को कम करने की क्षमता है.
‘कई देशों में दी जा रही है बूस्टर डोज’
भारत बायोटेक के मुताबिक, खासतौर पर तैयार की गई एक ही खुराक वयस्कों और बच्चों को समान रूप से दी जा सकती है. कोवैक्सीन एक रेडी-टू-यूज, लिक्विड वैक्सीन है, जिसे 2-8 डिग्री सेल्सियस पर स्टॉक किया जाता है.



