RBI का UPI को बड़ा ऐलान , बढ़ गई लाइट वॉलेट पर ट्रांजैक्शन लिमिट, अब इन्हे मिलेगा फायदा?

UPI Lite Wallet Transaction Limit Increase
“RBI “भारतीय रिजर्व बैंक ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई को लेकर बड़ी ऐलान की है। जिसके तहत यूजर्स के लिए लेनदेन की सीमा बढ़ चुकी है। जी हां, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने लेनदेन सीमा को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। ऐसे में यूजर्स के पास बिना इंटरनेट या फीचर फोन के जरिए यूपीआई से ज्यादा पैसों की पेमेंट करने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। आइये जानते है क्या – क्या फायदे होंगे
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यूपीआई लाइट यूजर में पैसे लेनदेन कि सीमा..!!
दरअसल, RBI ने यूपीआई लाइट वॉलेट की लिमिट बढ़ा दी है। ऐसे में यूजर्स के लिए प्रति लेनदेन की सीमा 1000 रुपये हो गई है। वॉलेट की लेनदेन लिमिट 2000 रुपये से बढ़कर 5000 रुपये हो गई है। प्रति लेनदेन की लिमिट 500 रुपये से बढ़कर 1000 रुपये हो गई है। UPI Lite की लिमिट बढ़ाने वाले सर्कुलर में रिजर्व बैंक ने कहा कि यूजर्स के लिए प्रति लेनदेन सीमा 1000 रुपये और किसी भी समय लेनदेन की सीमा 5000 रुपये तक हो गई है। एक दिन में यूपीआई लाइट यूजर 5000 रुपये तक का लेनदेन कर सकता है।

UPI Lite क्या है?
छोटे भुगतान के लिए यूपीआई लाइट पेश किया गया है। इसके जरिए यूजर्स बिना इंटरनेट वाले फोन से भी लेनदेन कर सकते हैं। ऑफलाइन पेमेंट के तहत फोन में इंटरनेट या नेटवर्क ना होने पर भी यूजर्स लेनदेन कर सकता है। बिना यूपीआई पिन को दर्ज किए यूपीआई लाइट यूजर को लेनदेन की सुविधा मिलती है।
UPI Lite Wallet Transaction Limit Increase
UPI लाइट के है फायदे..??
ऐसे लोग जो छोटा-मोटा लेनदेन करते हैं और इसके लिए बार-बार यूपीआई का यूज या फिर इंटरनेट के इस्तेमाल के साथ ट्रांजैक्शन नहीं करना चाहते हैं या बिना इंटरनेट या कम नेटवर्क कनेक्टिविटी वाले क्षेत्र में रहते हैं तो उन लोगों के लिए यूपीआई लाइट फायदेमंद है। छोटे-मोटे लेनदेन के लिए प्रसिद्ध प्लेटफॉर्म यूपीआई लाइट वॉलेट की लिमिट 1000 रुपये तक हो गई है। कुल सीमा 5000 रुपये होने से यूजर्स के लिए लाइट का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहेगा।
UPI ट्रांजैक्शन में देखी गई गिरावट
नवंबर महीने का डेटा देखा जाए तो UPI ट्रांजैक्शन में गिरावट देखी गई है। अक्टूबर 2024 में UPI से 16.58 अरब लेनदेन हुए थे, लेकिन नवंबर 2024 में ये संख्या 15.48 अरब रह गई। हालांकि, उम्मीद है कि ट्रांजैक्शन लिमिट के बढ़ने से फर्क देखा जा सकता है।


