केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग में किसानों के हित में लिए गए ये बड़े निर्णय

नई दिल्ली : केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक खत्म हो चुकी है। इस बैठक में 7 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। मोदी कैबिनेट की बैठक में किसानों के हित में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक में हुए फैसलों की पूरी जानकारी दी। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि, सरकार गठन के अभी 100 दिन भी पूरे नहीं हुए हैं और कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। पहले 85 दिनों के अंदर किसानों के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इनसे किसानों की आय बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2 हजार 817 करोड़ रुपए के डिजिटल कृषि मिशन को मंजूरी दी है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खाद्य, पोषण के फसल विज्ञान के लिए समर्पित 3 हजार 979 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी है। टिकाऊ पशुधन स्वास्थ्य के लिए 1 हजार 702 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी है। सरकार ने कुछ अच्छे पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। इनमें हमें सफलता मिली है।
केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग में किसानों के हित में लिए गए ये बड़े निर्णय
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि, उसी के आधार पर डिजिटल कृषि मिशन की स्थापना की जाएगी। बागवानी के विकास के लिए 860 करोड़ रुपए और कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए 1 हजार 202 करोड़ रुपए के आवंटन को मंजूरी।
किसानों के हित में लिए गए ये बड़े निर्णय
एग्री स्टैक किसान रजिस्ट्री गांव की भूमि मानचित्र रजिस्ट्री फसल बोई रजिस्ट्री।
कृषि निर्णय समर्थन प्रणाली भू स्थानिक डेटा सूखा/बाढ़ निगरानी मौसम/उपग्रह डेटा भूजल/जल उपलब्धता डेटा फसल उपज और बीमा के लिए मॉडलिंग।
मृदा प्रोफाइल डिजिटल फसल अनुमान डिजिटल उपज मॉडलिंग फसल ऋण से जुड़े एआई, बिग जैसी आधुनिक तकनीकें।
डेटा खरीदारों से जुड़े मोबाइल पर अपडेट कृषि के लिए डीपीआई. जो कि किसानों के जीवन में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी पर बल देता है। मोबाइल पर
जानकारी मिलने से किसानों के जिंदगी में बदलाव आएगा. खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए फसल विज्ञान अनुसंधान और शिक्षा पादप आनुवंशिक संसाधन प्रबंधन भोजन और चारे की फसल के लिए आनुवंशिक सुधार।
दलहनी एवं तिलहनी फसल में सुधार।
वाणिज्यिक फसलों में सुधार।
कीड़ों, रोगाणुओं, परागणकों आदि पर अनुसंधान।
2047 के लिए जलवायु को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा के लिए किसानों को तैयार करना।


