Raigarh News : रायगढ़ में फिर ‘कोयला खेल’ की आहट! अदाणी से लोड गाड़ियों से रास्ते में गायब हो रहा कोयला? रॉबर्टसन साइडिंग पर उठे गंभीर सवाल
सूत्रों का दावा- संगठित नेटवर्क कर रहा खेल, कई लोगों की मिलीभगत की चर्चा; जांच हुई तो खुल सकते हैं बड़े राज

Raigarh News: @प्रशांत तिवारी रायगढ़। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक जिले रायगढ़ में एक बार फिर कथित कोयला हेराफेरी की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अदाणी क्षेत्र से कोयला लेकर निकलने वाली कुछ टेलर में रास्ते के दौरान कथित रूप से कोयले की मात्रा कम होने की बातें सामने आ रही हैं। इस पूरे मामले में रॉबर्टसन साइडिंग का नाम भी चर्चा में है। हालांकि इन दावों की अभी तक किसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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सूत्रों का कहना है कि यह कोई एक-दो लोगों का काम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित नेटवर्क के जरिए पूरे खेल को अंजाम दिया जा रहा है। दावा है कि पूरे सिस्टम को इतनी गोपनीयता से संचालित किया जाता है कि बाहरी लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगती। बताया जा रहा है कि कथित तौर पर कई स्तरों पर मिलीभगत के कारण यह खेल लंबे समय से चलता आ रहा है।
रायगढ़ जिला पहले भी कथित कोयला माफियाओं और अवैध कोयला कारोबार को लेकर सुर्खियों में रह चुका है। समय-समय पर कई कार्रवाई भी हुईं, लेकिन अब एक बार फिर सूत्रों के दावों ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चा है कि कुछ प्रभावशाली लोग पूरे नेटवर्क को अपने प्रभाव के दम पर संचालित करने की कोशिश कर रहे हैं।
रॉबर्टसन साइडिंग चर्चा के केंद्र में
सूत्र बताते हैं कि सबसे पहले इस तरह की चर्चाएं घरघोड़ा क्षेत्र से सामने आई थीं। अब रॉबर्टसन साइडिंग और उससे जुड़े परिवहन मार्गों को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यदि इन दावों की निष्पक्ष जांच होती है तो पूरे परिवहन तंत्र की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
ऐसे खुल सकता है पूरा खेल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोडिंग प्वाइंट से लेकर अनलोडिंग प्वाइंट तक प्रत्येक ट्रक का वेब्रिज रिकॉर्ड, जीपीएस ट्रैकिंग, ई-परमिट, ट्रिप शीट और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाए तो यह स्पष्ट हो सकता है कि रास्ते में कहीं कोयले की कथित हेराफेरी तो नहीं हो रही। संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।
जांच की मांग तेज
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप निराधार हैं तो जांच से सभी संदेह दूर हो जाएंगे, और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच से ही जनता का विश्वास कायम रह सकता है।

अब आगे क्या?
यह मामला अभी शुरुआती जानकारी और सूत्रों के दावों पर आधारित है। यदि संबंधित विभाग पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करते हैं तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। हमारी टीम इस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
जल्द पढ़िए – EXCLUSIVE PART-2
“कैसे होता है कथित कोयला खेल? कौन-कौन से तरीके अपनाए जाते हैं? किस स्तर पर होती है निगरानी में चूक? पूरी पड़ताल दस्तावेजों और तथ्यों के साथ…”
यह समाचार विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। इसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।



