रायगढ़

Kirodimal Nagar News: रायगढ़ जिले में पहला मंदिर किरोड़ीमलनगर में भगवान विश्वकर्मा जी का प्राण प्रतिष्ठा एवं प्रकट दिवस का आयोजन,विश्वकर्मा समाज का अच्छी पहल

माघे शुक्ले त्रयोदष्यां दिवा पुण्ये पुनर्वसौ। अष्टा विंशति मे जातो विश्वकर्मा भवानि च

Kirodimal Nagar News रायगढ़….. यह एक औद्योगिक नगरी के नाम से जाना जाता है। यहां हर प्रांत के लोग कल कारखाने में कार्य करने के लिए बाहर से आकर बसे हुये है। जिले में देवशिल्पी भगवान श्री विश्वकर्मा जी की कृपा से छोटे- बड़े उद्योग एवं सैकड़ो कल कारखाने स्थापित हुये है। सृष्टि के रचियता श्री विश्वकर्मा भगवान को हर समुदाय के लोग पूजते है। कल कारखानों से जुड़े हुये व्यक्ति जो अमीर व गरीब नागरिक है सभी विश्वकर्मा भगवान को पूजते है। खासकर 17 सितबंर को उद्योगो में बड़ी धूमधाम से विश्वकर्मा पूजा मनाते है, जिसमें सभी कर्मचारी धूमधाम से इस पूजा में शामिल होते है। निजी वाहन मालिक अपने वाहनों का पूजा करते है

Kirodimal Nagar News
Kirodimal Nagar News

अधिकतर लोहे के काम से जुड़े हुये व्यक्ति भगवान विश्वकर्मा जी के भक्तगण है। 17 सितंबर विश्वकर्मा पूजा के अलावा मांघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी को भगवान श्री विश्वकर्मा जी प्रगट हुऐ थे। जिसे लोहार, बढ़ई, ताम्रकार, शिल्पकार एवं स्वर्णकार समाज के व्यक्तियों द्वारा प्रकट दिवस के रूप में मनाते है। रायगढ़ जिले के किरोड़ीमलनगर रेल्वेस्टेशन साप्ताहिक बाजार के पास विगत 04-05 वर्षो से श्री विश्वकर्मा मंदिर का निर्माण चल रहा था। जिसका प्राण प्रतिष्ठा एवं कलश यात्रा दिनांक 18 फरवरी 2024 से 22 फरवरी 2024 तक आयोजन किया गया है।

Read more: 50MP कैमरा और 8GB रैम के साथ गरीबों के बजट में लॉन्च हुआ Infinix का तगड़ा स्मार्टफोन, अभी खरीदें

Kirodimal Nagar News जिसमें आयोजन समिति श्री विश्वकर्मा मंदिर निर्माण समिति एवं नगरवासी हर्षोल्लास एवं आनंदित है। साथ ही जिले में इकलौते श्री विश्वकर्मा भगवान मंदिर निर्माण को लेकर चर्चा है। आचार्य राजकिशोर शास्त्री जी (औरंगाबाद बिहार) एवं पंडित हरिओम शास्त्री जी (प्रयागराज उत्तर प्रदेश) के द्वारा प्राण प्रतिष्ठा पूजन संपन्न कराया जायेगा। जिसमें अधिक से अधिक संख्या में भक्तजनों, माताओ एवं बहनो को सम्मिलित होने के लिए श्री विश्वकर्मा कल्याण समिति एवं 14 वंश लोहार समाज छ.ग. के द्वारा अनुरोध किया गया है।

मनु मय त्वष्टा विश्वकर्मा शिल्पकर्म आधार। तीन लोक चौदहौ भुवन करनी का विस्तार।।

Related Articles

Back to top button