ITR Filing 2026: टैक्स फाइलिंग हुई शुरू, जानें क्या है आपकी डेडलाइन और नए नियम – RGH NEWS
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ITR Filing 2026: टैक्स फाइलिंग हुई शुरू, जानें क्या है आपकी डेडलाइन और नए नियम

ITR Filing 2026 इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है. AY 2026-27 (FY 2025-26) के लिए डिपार्टमेंट ने ITR-1 और ITR-4 के लिए एक्सेल यूटिलिटी जारी कर दी है. एलिजिबल टैक्सपेयर अब इनकम टैक्स के ऑफिशियल पोर्टल से यूटिलिटी डाउनलोड करके आज से ही FY 2025-26 के लिए अपने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना शुरू कर सकते हैं.

 

 

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए खुद इसके बारे में जानकारी दी है. जिसमें लिखा कि “टैक्सपेयर ध्यान दें! AY 2026-27 के लिए ITR-1 और ITR-4 की एक्सेल यूटिलिटी और ऑनलाइन फाइलिंग शुरू कर दी गई है और अब यह ई-फाइलिंग पोर्टल पर टैक्सपेयर के लिए मौजूद है.

 

 

 

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एक्सेल यूटिलिटी एक विशेष रूप से डिजाइन की गई एक्सेल शीट है, जो कठिन कार्यों को सरल और ऑफलाइन करने में मदद करती है. इसका यूज मुख्य रूप से आयकर विभाग की ओर से ITR फाइलिंग के लिए किया जाता है, जिससे टैक्सपेयर बिना इंटरनेट के डेटा भर सकते हैं. उसे वैलिडेट कर सकते हैं और फिर ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं.

 

 

ITR-1 (सहज)

ITR-1 (सहज) में अब एक बड़ा बदलाव उन टैक्सपेयर से जुड़ा है जिनके पास 2 घर हैं. अब इसका इस्तेमाल दो हाउस प्रॉपर्टी तक से होने वाली इनकम की रिपोर्ट करने के लिए किया जा सकता है, जबकि पहले यह सीमा एक घर तक ही थी. इससे कई टैक्सपेयर के लिए फाइलिंग आसान होने की उम्मीद है.

 

जिन रेसिडेंशियल टैक्सपेयर की कुल कमाई 50 लाख रुपये तक है, वे अपना रिटर्न फाइल करते समय ITR-1 या सहज, चुन सकते हैं. इस फॉर्म में सैलरी, पेंशन, दो आवासीय प्रॉपर्टी, ब्याज से होने वाली कमाई और खेती से होने वाली सीमित इनकम शामिल होती है. यह उन व्यक्तियों के लिए भी मौजूद है जो धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक के लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन की घोषणा करते हैं.

 

ITR-4 सुगम फॉर्म

सुगम फॉर्म को आधिकारिक तौर पर ITR-4 के नाम से जाना जाता है. यह उन निवासी टैक्सपेयर के लिए मौजूद है, जिनमें व्यक्ति, HUF और LLP के अलावा अन्य फर्म शामिल हैं, जिनकी सालाना कमाई 50 लाख रुपये तक है. यह उन लोगों के लिए है जो धारा 44AD, 44ADA और 44AE में बताए गए अनुमानित टैक्सेशन प्रोविजन के तहत फाइलिंग करते हैं और यह धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक के विशिष्ट लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन की रिपोर्ट करने की भी अनुमति देता है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने पहले असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR फॉर्म जारी किए थे, जिनमें रिपोर्टिंग के कई नए नियम लागू किए गए थे. इन मुख्य बदलावों में लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन, शेयर बायबैक से होने वाले नुकसान और कुछ खास ट्रेडिंग गतिविधियों के बारे में जानकारी देने की नई शर्तें शामिल हैं.

 

क्या होता है आईटीआर?

ITR Filing 2026इनकम टैक्स रिटर्न को ITR कहा जाता है, टैक्सपेयर की इनकम, कटौतियों का एक औपचारिक घोषणा पत्र होता है, जिसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में जमा किया जाता है. रिटर्न आमतौर पर हर साल 31 जुलाई तक फाइल करना होता है. अभी सात ITR फॉर्म मौजूद हैं. कौन सा फॉर्म लागू होगा, यह टैक्सपेयर की इनकम प्रोफाइल और श्रेणी पर निर्भर करता है.

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