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Contractual Employees Regularisation: संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग पर लगी मुहर

contractual employees regularisation जयपुर:संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण पूरे देश में एक बड़ा मुद्दा बनते जा रहा है। देश हो या राज्य की सरकार संविदा कर्मचारियों से नियमितीकरण के वादे तो करते हैं, लेकिन अभी तक पूरी तरह से उनकी मांगें पूरी नहीं हो पाई है। हालांकि कुछ राज्य ऐसे हैं, जहां संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जा रहा है। लेकिन कई राज्यों में मामला लंबे समय से अटका हुआ है। हालांकि इसका एक कारण पेचीदा नियम भी है, जिसका खामियाजा संविदा और अनियमित कर्मचारी भुगत रहे हैं, लेकिन इस बीच खबर आ रही है कि प्रदेश की डबल इंजन की सरकार ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बाबात संबंधित मंत्रालय की ओर से आदेश भी जारी किया जा चुका है।

डबल इंजन की सरकार ने दी बड़ी सौगात
मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश की डबल इंजन की सरकार ने संविदा कर्मचारियों के ​नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ग्रामीण विभाग एवं पंचायती राज विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार जनवरी 2022 द्वारा जारी राजस्थान कांट्रेक्च्युअल टू सिविल पोस्ट रूल 2022 के नियम-20 के तहत ग्रामीण विकास विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में सृजित 4966 नियमित पदों की प्रशासनिक स्वीकृति मार्च 2024 को जारी की गई है। इन आदेशों के तहत महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत नियुक्ति प्राप्त संविदाकर्मी जो 9 वर्ष या उससे अधिक की अवधि में कार्य पूर्ण कर चुके हैं, उन्हें स्थाई किया जाना उनकी स्क्रीनिंग की जानी है।

9 साल से कार्यरत कर्मचारियों का होगा नियमितीकरण
contractual employees regularisation बताया जा रहा है कि संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए जिला स्तरीय एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जो कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच करेगी। कमेटी दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद रिपोर्ट मंत्रालय में भेजेगी। जारी निर्देश के अनुसार 1 अप्रैल 2024 तक 9 साल की सेवा अवधि पूरी कर चुके कर्मचारियों के दस्तावेजों का सत्यापन कर कमेटी मंत्रालय में रिपोर्ट भेजेगी। बता दें कि विभाग ने ये ये स्पष्ट कर दिया है कि सिर्फ ग्रामीण विकास विभाग में 9 साल की सेवा देने वाले कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा।

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