Chhattisgarh current News: छत्तीसगढ़ में 11 लाख रुपए के राशन घोटाले का मामला में पीडीएस दुकान के विक्रेता के खिलाफ FIR करने की तैयारी…

Chhattisgarh current News: रायपुर/बिलासपुर. वार्ड कमांक 42 के अंतर्गत दुकान आई.डी.क. 401001134 से गरीबों को मिलने वाले राशन में गबन का मामला सामने आया है. स्थानीय राशन दुकान संचालक अमितेष राय पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उसके द्वारा संचालित राशन दुकान में चावल 285. 48 क्विंटल चावल कम पाया गया. जिसमें गड़बड़ी की पुष्टि होने पर खाद्य विभाग ने संचालक को नोटिस जारी किया था. सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खैर माता खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति के द्वारा वार्ड क्रमांक 42. नगर पालिक निगम बिलसापुर में अमितेश राय द्वारा उचित मूल्य की दुकान आई.डी.क. 401001134 संचालित की जा रहीथी.
खाद्य विभाग ने 23 अगस्त 2024 को जांच की गई. इस दौरान पीडीएस राशन में अनियमितताएँ पाये गई. इसके परिप्रेक्ष्य में खाद्य विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. इसके बाद सरकारी राशन गबन मामले में 20 सितम्बर 2024 के उचित मूल्य दुकान का संचालन निलंबित किया गया है. इसके बाद खाद्य निरीक्षक ने उक्त उचित मूल्य की दुकान को उचित मूल्य की दुकान 5 अक्टूबर 2024 को उचित मूल्य दुकान गौरी महिला बहुद्देशीय सहकारी समिति आई०डी० 402001157 को प्रभार सौंप दिया गया. इस दौरान पंचनाम की गई जिसमें संचालक अमितेष राय के द्वारा 285. 48 क्विंटल कम चावल दिया. जिसकी कीमत लगभग 11 लाख 40 हजार है. सरकारी राशन में कमी पाए जाने पर खाद्य नियंत्रक द्वारा बार बार नोटिस जारी के बाद भी पूर्व संचालक अमितेष राय ने न तो खाद्यान की भरपाई की और न ही कोई जवाब दिया. अब खाद्य विभाग पूर्व राशन दुकान संचालक अमितेष के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही
Read more 1Mandi Bhav: अनाज और दालों के दाम में फिर हुआ बदलाव,यहां देखें 31 मई के ताजा मंडी भाव!
तीन दिन में मांगा जवाब 10 माह से नही मिला
Chhattisgarh current Newsसरकारी राशन में अफरी तफरी का मामला सामने आने के बाद खाद्य विभाग ने राशन दुकान के पूर्व संचालक को बीते 10 महिनें के भीतर कई बार नोटिस जारी करते हुए 3-3 दिनो के भीतर जवाब या राशन की भरपाई करने के निर्देश जारी किए गए लेकिन अब तक न तो जवाब प्रस्तुत किया और न ही राशन की राशि जमा की गई अब विभाग इस मामले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है.



