Cg News:छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी, आदिवासी छूट पर मचा सियासी घमासान, सरकार के ऐलान के बाद उठे सवाल – RGH NEWS
छत्तीसगढ़ न्यूज़ (समाचार)

Cg News:छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी, आदिवासी छूट पर मचा सियासी घमासान, सरकार के ऐलान के बाद उठे सवाल

Cg News:छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने हाल ही में कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि राज्य में आने वाले समय में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। डिप्टी सीएम अरुण साव ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया था कि इस संबंध में विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाएगा और कानून के अध्ययन के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई करेंगी।

कांग्रेस ने जताया विरोध 

सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सवाल उठाते हुए कहा कि UCC लागू होने से आदिवासियों के अधिकार कैसे सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का यह कदम आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को प्रभावित कर सकता है और उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश हो सकती है।

दीपक बैज के अनुसार, राज्य की 32 प्रतिशत से अधिक जनजातीय आबादी, जो पांचवीं अनुसूची और PESA अधिनियम के तहत संरक्षित है, के हितों पर इसका असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कानून का विरोध करेगी। इससे पहले छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज (CSAS) भी इस फैसले पर आपत्ति जता चुका है।

क्यों उठ रहे हैं सवाल ?

गौरतलब है कि उत्तराखंड में 27 जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जा चुकी है, जिससे वह देश का पहला राज्य बन गया है जहां यह कानून लागू हुआ। इसमें विवाह, तलाक, विरासत और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों के लिए सभी धर्मों के लिए एक समान नियम बनाए गए हैं।

हालांकि अनुसूचित जनजातियों और ट्रांसजेंडर समुदाय को इससे बाहर रखा गया है। इस मुद्दे पर लंबे समय से बहस चल रही है और कई विशेषज्ञों का मानना है कि आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक और परंपरागत व्यवस्थाओं को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें विशेष छूट दी जाती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या छत्तीसगढ़ में भी आदिवासी समुदाय को इसी तरह की राहत मिलेगी।

क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड?

  • विवाह, तलाक, गोद लेने और संपत्ति में सभी के लिए एक नियम।
  • परिवार के सदस्यों के आपसी संबंध और अधिकारों में समानता।
  • जाति, धर्म या परंपरा के आधार पर नियमों में कोई रियायत नहीं।
  • किसी भी धर्म विशेष के लिए अलग से कोई नियम नहीं।

UCC हो लागू तो क्या होगा?

  • UCC के तहत शादी, तलाक, संपत्ति, गोद लेने जैसे मामले।
  • हर धर्म में शादी, तलाक के लिए एक ही कानून।
  • जो कानून हिंदुओं के लिए, वहीं दूसरों के लिए भी।
  • बिना तलाक के एक से ज्यादा शादी नहीं कर पाएंगे।
  • शरीयत के मुताबिक जायदाद का बंटवारा नहीं होगा।

UCC लागू होने से क्या नहीं बदलेगा?

  • धार्मिक रीति-रिवाज पर असर नहीं।
  • ऐसा नहीं है कि शादी पंडित या मौलवी नहीं कराएंगे।
  • खान-पान, पूजा-इबादत, वेश-भूषा पर प्रभाव नहीं।

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