Ayushman saarthi chatbot launched: सरकार ने लॉन्च किया आयुष्मान सारथी चैटबॉट, अब WhatsApp पर मिलेगी आयुष्मान भारत की सुविधा

Ayushman saarthi chatbot launched केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने सोमवार को आयुष्मान सारथी नाम से PM-JAY का व्हाट्सऐप चैटबॉट लॉन्च किया. अब आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी सिर्फ WhatsApp के जरिए 24 घंटे, कभी भी और कहीं से भी योजना से जुड़ी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे
सरकार के मुताबिक, अब लोगों को आयुष्मान कार्ड बनवाने, जानकारी लेने या शिकायत दर्ज कराने के लिए सरकारी दफ्तर या कॉल सेंटर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. यह चैटबॉट सीधे PM-JAY सिस्टम से जुड़ा है और रियल टाइम में जानकारी उपलब्ध कराएगा.
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आयुष्मान भारत योजना में पात्रता की जांच
आयुष्मान कार्ड बनवाना और डाउनलोड करना ई-केवाईसी दोबारा करना
आधार लिंक करना
आयुष्मान कार्ड लॉक और अनलॉक करना
70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड की जानकारी
योजना के वॉलेट बैलेंस और इलाज का रिकॉर्ड देखना
आसपास के सूचीबद्ध अस्पताल (एम्पैनल्ड हॉस्पिटल) खोजना
शिकायत दर्ज करना, उसकी स्थिति देखना या शिकायत वापस लेना
कॉल बैक का अनुरोध करना
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सेवा पर फीडबैक देना
सरकार का कहना है कि आयुष्मान सारथी से लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं पहले से ज्यादा आसान, तेज और पारदर्शी तरीके से मिलेंगी. इससे सरकारी दफ्तरों और कॉल सेंटर पर निर्भरता भी कम होगी.
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कैसे करें इस्तेमाल?
लाभार्थी WhatsApp पर +91 72908 23838 नंबर पर Hi भेजकर या आधिकारिक QR कोड स्कैन करके आयुष्मान सारथी का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह सेवा 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेगी.
क्या है आयुष्मान सारथी चैटबॉट
Ayushman saarthi chatbot launchedआयुष्मान सारथी चैटबॉट केंद्र सरकार की एक नई डिजिटल स्वास्थ्य सेवा है, जिसे National Health Authority और स्वास्थ्य मंत्रालय ने Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana के लाभार्थियों के लिए तैयार किया है. यह एक व्हाट्सएप आधारित चैटबॉट है, जिसके जरिए लोग आयुष्मान योजना से जुड़ी जानकारी और सेवाएं आसानी से प्राप्त कर सकेंगे. सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को सरकारी अस्पतालों या हेल्प डेस्क के चक्कर कम लगाने पड़ें और मोबाइल पर ही सेवाएं उपलब्ध हो जाएं, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रह रहे लोगों को दिक्कत न उठाना पड़े



