Amarnath Bus Accident: अमरनाथ यात्रियों से भरी बस खाई में गिरी, 35 श्रद्धालु थे सवार..

Amarnath Bus Accident जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले से मंगलवार को बस हादसे की खबर सामने आ रही है। सामने आई जानकारी के अनुसार, गांदरबल के गुंड इलाके में 39 तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पलट गई, जिनमें से करीब 30 तीर्थयात्री घायल हो गए हैं। बस में सवार तीर्थयात्री अमरनाथ के दर्शन कर के वापस आ रहे हैं। हालांकि, रास्ते में बस खतरनाक रास्ते पर बेकाबू हो गई और हादसे का शिकार हो गई। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इस हादसे का संज्ञान लिया है।
कैसे हुआ हादसा?
बताया जा रहा है कि गांदरबल में यह हादसा तब हुआ जब गाड़ी खतरनाक रास्ते पर बेकाबू हो गई और बस सड़क से फिसल कर एक मकान पर जा गिरी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, ITBP, CRPF, सेना और स्थानीय लोगों ने तेजी से बचाव अभियान चलाकर सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया और अब सभी की हालत स्थिर है। उन्होंने कहा कि हादसे में ज्यादातर लोगों को मामूली चोटें आई हैं। घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उपराज्यपाल ने क्या कहा?
तीर्थयात्रियों से भरी बस पलटने की घटना को लेकर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा- “मैंने गांदरबल के डिप्टी कमिश्नर और स्वास्थ्य अधिकारियों से बात की और आज सुबह गांदरबल के गनीवान में हुए दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे में घायल हुए श्री अमरनाथ जी यात्रा के तीर्थयात्रियों की सेहत के बारे में जानकारी ली। बाबा बर्फानी के दर्शन करके लौट रहे 39 तीर्थयात्री घायल हो गए हैं और अभी उनका SKIMS में इलाज चल रहा है। मैंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हर जरूरी मदद और बेहतरीन मेडिकल देखभाल सुनिश्चित करें। मैं भगवान शिव से घायल श्रद्धालुओं के जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना करता हूं।
कब तक चलेगी अमरनाथ यात्रा?
अमरनाथ यात्रा की शुरुआत दो जुलाई से हुई थी। ये यात्रा 28 अगस्त तक यानी कुल मिलाकर 57 दिनों तक चलेगी। जानकारी के अनुसार, अब तक 4.15 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। आपको बता दें कि अमरनाथ गुफा जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। अमरनाथ यात्रा अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम रूट और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे, लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाले बालटाल रूट से एक साथ शुरू होती है।



