✍कोरोना संक्रमित समझकर युवती को चलती बस से फेंका , महज 30 मिनट में हुई मौत … हत्या का मामला दर्ज , पढे पूरी ख़बर !✍

आगरा । कोरोना संक्रमित होने के शक में एक 19 साल की युवती को यमुना एक्सप्रेसवे पर यूपी रोडवेज की चलती बस से फेंक देने का मामला सामने आया है। इस घटना के 30 मिनट बाद युवती की मौत हो गई। मृतका की पहचान अंशिका यादव के रूप में हुई, जो अपनी मां के साथ बस से सफर कर रही थीं। इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी देखने को मिली। फिलहाल, इस मामले में दिल्ली महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद बस कंडक्टर और ड्राइवर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया। सर्वेश कुमारी पत्नी सुशील कुमार निवासी गांव नगला हीरा सिंह थाना शिकोहाबाद फिरोजाबाद नोएडा से रोडवेज बस यूपी 85 एएफ 9965 में बैठ कर गांव जा रही थीं। बताया जा रहा है कि अंशिका को अचानक घबराहट हुई तो मां ने उसे गोद में लिटा लिया। जिसे देखकर कंडक्टर ने कहा कि उसे कोरोना है। इसके बाद अन्य यात्री भी यही कहने लगे। इसके बाद कंडक्टर ने दोनों बस नीचे उतरने को कहा, लेकिन महिला ने उतरने से मना कर दिया था। इसके बाद कंडक्टर ने अंशिका पर कंबल डाल दिया। कंबल से ढक कर उसके पैर खींचते हुए बस से नीचे फेंक दिया। इस दौरा सिर में चोट लग गई और वजह से अंशिका की मौत हो गई थी। उधर, परिवार ने बताया कि उन्होंने पहले मथुरा पुलिस से शिकायत की थी लेकिन मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई और इसे प्राकृतिक मौत करार दिया गया। इस मामले में दिल्ली महिला आयोग का नोटिस मिलने पर एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने एसपी ग्रामीण श्रीशचंद्र ने मामले की जांच सौंपी है। एसपी ग्रामीण ने मांट टोल पर आकर युवती की मौत के मामले में टोलकर्मियों के बयान दर्ज किए हैं। इंस्पेक्टर भीम सिंह जावला ने बताया कि मृतका की मां की तहरीर पर बस के परिचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालिवाल ने मथुरा एसएसपी को नोटिस जारी कर मामले की विस्तृत जानकारी मांगी थी। साथ ही उन्होंने ट्वीट किया कि इस इस जघन्य हत्या के अपराधियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।



