रायगढ़ के इस होटलकर्मी ने बंद कमरे में लगा ली फांसी, अजब प्रेम की गजब कहानी 6 साल पहले हुई थी
रायगढ़, 17 जनवरी। शाम को बीवी के मायके जाने के बाद एक होटल कर्मचारी को न जाने ऐसा क्या हुआ कि उसने बंद कमरे में चुनरी का फंदा कसा और उसमें झूलकर अपनी ईहलीला समाप्त कर ली। यह वारदात शहर के कोतरा रोड क्षेत्र का है। चूंकि, मृतक के पास कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ, इसलिए पुलिस को सच खंगालने में माथापच्ची करनी पड़ रही है।
इस संबंध में नगर कोतवाल मनीष नागर ने बताया कि मूलतः पुसौर क्षेत्र के ग्राम तरडा निवासी प्रहलाद काटे आत्मज छविलाल (35 वर्ष) न्यू अलंकार होटल में पर्ची काटने का काम करते हुए कोतरा रोड स्थित गजानंदपुरम के पास डॉ. पीके पटेल की क्लीनिक के पीछे मंगलूडीपा में किराए का मकान लेकर अपनी पत्नी पूजा के साथ रहता था। सोमवार शाम लगभग 5 बजे पूजा अपने मायके नवापारा (पुसौर) चली गई। घंटेभर के बाद प्रहलाद के पड़ोसी ने उसके चचेरे भाई अचल काटे को फोनकर सूचना दी कि प्रहलाद का कमरा भीतर से बंद है और काफी खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं आ रहा।
फिर क्या, बदहवास अचल ने किसी अनहोनी की आशंका से पूजा को फोन किया तो वह मायके में थी। तदुपरांत, अचल अपने भाई टीकाराम काटे और मोहन काटे के साथ प्रहलाद के घर पहुंचा तो दरवाजे को अंदर से बंद पाया। उसने भी काफी देर तक खटखटाया, लेकिन जब कोई प्रत्युत्तर नहीं मिला तो लोगों की मदद से जैसे ही दरवाजे को खोला, भीतर का नजारा देख उनके होश फाख्ते हो गए।
दरअसल, कमरे के म्यांर में लोहे की पाईप में गुलाबी रंग की चुनरी से बंधे फंदे पर प्रहलाद की लाश सन्दिग्ध परिस्थितियों में लटक रही थी। शव का पैर जमीन तक पहुंच रहा था। ऐसे में फिर अचल ने मौके की नजाकत को भांप तत्काल इसकी सूचना सिटी कोतवाली में दी। वहीं, हरकत में आई पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया, मगर वहां ऐसा कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, जिससे खुलासा हो सके कि होटलकर्मी ने आखिर बीवी के मायके जाने के बाद आत्महत्या का घातक कदम क्यों अख्तियार किया।
बहरहाल, होटल कर्मचारी के शव को फंदे उतारते हुए जिला चिकित्सालय के मर्च्यूरी रूम में रखा गया है। मंगलवार सुबह पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई हो सके। वहीं, कोतवाली पुलिस मर्ग कायम कर जांच पड़ताल में जुटी है।
*6 साल पहले की थी लव मैरिज*
परिजनों की मानें तो एमए तक पढ़ाई करने वाले प्रहलाद ने पूजा के साथ लगभग 6 बरस पहले प्रेम विवाह किया था। विवाहोपरांत, प्रहलाद अपने घर नन्हें मेहमान आने का सपना देखते हुए पिता बनने की चाह रखता था, मगर किसी कारणवश गर्भ में ही बच्चा ज्यादा समय तक नहीं रह पाता था। ऐसे में काटे दम्पत्ति औलाद सुख की लालसा में परेशान रहते थे। पुलिस इस एंगल से भी तहकीकात कर रही है।



