सरकार को चिंता, भारत में क्या असर डालेगा Omicron

नई दिल्ली: कोरोना वायरस की तीसरी लहर और ओमिक्रॉन वेरिएंट के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय होम आइसोलेशन (Home Isolation) की गाइडलाइन बदल दी हैं. पिछले 9 दिनों में देश में कोरोना के मामले 6 गुना से ज्यादा बढ़े हैं, ओमिक्रॉन का डबलिंग रेट 3 दिनों का है.देश में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद यह फैसला लिया गया है.
देश में कोरोना केसों में जबरदस्त उछाल से सरकार की चिंता बढ़ी है. बताया जा रहा है कि सरकार इस नई लहर में इस बात से भी चिंतित कि डेल्टा वेरिएंट ने जितनी तबाही भारत में मचाई थी, उतनी तबाही दक्षिण अफ्रीका में नहीं हुई थी. ऐसे ही ओमिक्रॉन का दक्षिण अफ्रीका में ज्यादा असर देखने को नहीं मिल रहा है, ऐसे में चिंता यह है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट भारत में क्या असर डालेगा. कोरोना के माले बढ़ेंगे तो अस्पताल में दाखिले भी बढ़ेंगे, क्योंकि भारत में अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों की तादाद बहुत ज्यादा है.
साथ ही सूत्रों ने बताया, होम आइसोलेशन की नई गाइडलाइन को प्रभावी रूप से अमल में लाने को लेकर राज्यों को कंट्रोल रूम दुरुस्त रखने को कहा गया है. जिससे मरीज की मॉनिटरिंग राज्य सही से कर पाएं और उस मरीज की तबियत बिगड़ने पर उसको होम आइसोलेशन से अस्पताल में एडमिट करने की जरूरत हो तो एंबुलेंस, टेस्टिंग से लेकर अस्पताल में बेड आसानी से मिल पाए
एक ही हफ्ते में दैनिक औसत कोविड केसों में 285% का उछाल
23 से 29 दिसंबर के बीच रोज़ाना दर्ज हुए कोविड केसों की तुलना में 30 दिसंबर से 5 जनवरी के बीच दर्ज हुए COVID केसों में अंतर इतना बढ़ा हुआ है कि एक ही हफ्ते में दैनिक औसत में 285 फीसदी का उछाल दर्ज हुआ है. 23 से 29 दिसंबर के बीच सात दिन में कुल मिलाकर 56,722 केस दर्ज हुए थे, और दैनिक औसत 8,103 रहा था, जबकि अगले सात दिन, यानी 30 दिसंबर से 5 जनवरी के बीच कुल 2,18,667 कोविड केस सामने आए, जिनका दैनिक औसत 31,238 हो गया, जो 285 प्रतिशत ज़्यादा है.



