भाजपा नेता शुतुरमुर्ग ना बने, पेट्रोल पर घड़ियाली आंसू ना बहाए- अनिल शुक्ला – RGH NEWS
रायगढ़ न्यूज़ (समाचार)

भाजपा नेता शुतुरमुर्ग ना बने, पेट्रोल पर घड़ियाली आंसू ना बहाए- अनिल शुक्ला

 

RGHNEWS PRASHANT TIWARI रायगढ़:- रायगढ़ जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है, कि केंद्र सरकार द्वारा लगातार पेट्रोलियम पदार्थों में बेतहाशा वृद्धि कर देश की जनता ऊपर जबरदस्त आर्थिक भार डालने का काम कर रही है और जनता की सहानुभूति बटोरने के लिए उनके प्यादे सड़कों पर चक्का जाम कर प्रदेश की जनता बरगलाने का असफ़लतम काम कर रही है जबकि मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान अप्रैल 2014 में क्रूड ऑयल की कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल थी। उस दौरान पेट्रोल 71.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 57.28 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा था।

अगर इन बीजेपी वालों को देश की जनता की इतनी ही चिंता है तो यहाँ क्यों चक्का जाम कर रहे हैं, जाए और दिल्ली में मोदी के सामने चक्का जाम करके पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के दामों को कम करवा कर आए। तब जनता मानेगी। यहाँ घड़ियाली आंसू बहाने से कुछ नहीं होने वाला। जनता सब जानती है कि ये क्या कर रहे हैं। सब कुछ इन्हीं के हाँथों में है और जनता को बेवकूफ बना रहे हैं। ये तो वैसे ही हुआ जैसे शुतुरमुर्ग अपने सिर को जमीन में छुपा लेता है और सोचता है कि कोई मुझे नहीं देख रहा। वैसे ही भूल बीजेपी वाले कर रहे हैं।

महंगाई को कम करने के लिये आंदोलन की बेशर्म नौटंकी करने के बजाए अपनी केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करें जो आजादी के बाद सबसे ज्यादा एक्साइज ड्यूटी पेट्रोल-डीजल पर लगाई हुई है। एक्साईज ड्यूटी के अतिरिक्त विभिन्न मदों का शेष वसूल रही है। यदि केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल पर बढ़ाए गए एक्साईज ड्यूटी और जबरिया शेष में कमी कर दे तो देश में पेट्रोल-डीजल के दाम 40 रू. से भी कम हो जाएगा। केंद्र सरकार ने कोरोना काल में पेट्रोल-डीजल के दाम पर लगने वाले एक्साईज ड्यूटी को दस गुना तक बढ़ाया था जो 30 व 33 रू. की वृद्धि थी। जिसमें कटौती सिर्फ 5 व 10 रू. किया गया। मोदी सरकार भ्रष्ट व्यापारी की भांति आचरण कर रही। पहले दाम दस गुना बढ़ाती है फिर 2 गुना कटौती कर जनता पर अहसान जताती है।

अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार देश के 15 राज्यों की अपेक्षा कम वेट लेती है। इन 15 राज्यों में से अधिक संख्या भारतीय जनता पार्टी शासित राज्य है अथवा भाजपा समर्थित सरकारें है। मध्यप्रदेश में पेट्रोल पर 33 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 26.80 प्रतिशत, तेलंगाना में 35.20 प्रतिशत, सिक्किम में 25.25 प्रतिशत, उड़ीसा में 32 प्रतिशत, मणीपुर में 36.50 प्रतिशत, मेघालय 31 प्रतिशत, दिल्ली में 30 प्रतिशत, कनार्टक 35 प्रतिशत, असम में 32.68 प्रतिशत, बिहार में 26 प्रतिशत, केरल में 30.8 प्रतिशत वेट लगता है। इन सबकी अपेक्षा छत्तीसगढ़ राज्य सिर्फ 25 प्रतिशत ही वेट लेता है। भाजपा द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार से वेट कम करने की मांग जनता से धोखा है तथा भाजपा की मुनाफा खोर केंद्र सरकार का बचाव करना है।

सब जनता भलीभाँति देख रही है इनकी नौटंकी। जितना देश-प्रदेश की जनता को बेवकूफ बनाना था बना लिए। अब खासकर छत्तीसगढ़ प्रदेश की जनता तो इनके झाँसे में नहीं आने वाली। देश में भी इनकी उलटी गिनती शुरू हो गई है। देश को आज इस मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया है जहाँ हमारे ऊपर आश्रित अदना सा देश भी हमें आंखें दिखा रहा है। शर्म आनी चाहिए इन बीजेपी वालों को। आज इन्हें पेट्रोल डीजल के बढ़े हुए दामों में प्रदेश सरकार का हाँथ लग रहा है जबकि इन्हें हकीकत मालूम है कि कहाँ से बढ़ता है दाम। मेरी सलाह है इन बीजेपी वालों को कि, वे छोटे डाल पत्तों को छोड़ जड़ (केन्द्र सरकार) पकड़े। तब आपको जनता भी जानेगी कि, वाकई ये जन हितैषी हैं। ना कि इस तरह से ढ़ोंग करने से।

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