पत्नी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर पाए पूर्व सीएम, रोते हुए कही ये बात

हैदराबाद: शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन महिला सशक्तिकरण पर बहस के दौरान विधानसभा में पत्नी के खिलाफ अपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने को लेकर पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने मंगलवार को घोषणा की कि वह सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सदस्यों द्वारा उन्हें अपमानित किए जाने के विरोध में वर्तमान कार्यकाल के शेष समय में विधानसभा में प्रवेश नहीं करेंगे। यह घोषणा करते हुए चंद्रबाबू नायडू खुद को रोक नहीं पाए और उनकी आंखों से आंसू टपक पड़े।
उन्होंने रुंधी हुई आवाज में सदन में कहा कि सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस के सदस्यों द्वारा उन पर लगातार किए जा रहे अपशब्दों से वह आहत हैं। नायडू काफी भावुक होते हुए बोले कि, “पिछले ढाई साल से मैं अपमान सह रहा हूं लेकिन शांत रहा। आज उन्होंने मेरी पत्नी को भी निशाना बनाया है। मैं हमेशा सम्मान के साथ रहा, मैं इसे और नहीं सह सकता।”
हालांकि, सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने नायडू की टिप्पणी को “नाटक” कहा। कृषि क्षेत्र पर एक संक्षिप्त चर्चा के दौरान सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी निराशा व्यक्त की। बाद में, उन्होंने अपने कक्ष में अपनी पार्टी के विधायकों के साथ अचानक बैठक की, जहां वह कथित तौर पर फूट पड़े। नायडू के आंसू देख तेदेपा विधायकों ने नायडू को सांत्वना दी जिसके बाद वे सभी सदन में वापस आ गए। नायडू ने तब सदन से दूर रहने के अपने फैसले की घोषणा की। उन्होंने कहा “जब तक मैं सत्ता में नहीं लौटता, तब तक सदन में नहीं लौटूंगा।
बता दें कि यह सब महिला सशक्तिकरण पर चर्चा को लेकर टीडीपी और वाईएसआरसीपी सदस्यों के बीच वाकयुद्ध के साथ शुरू हुआ। टीडीपी विधायकों ने वाईएसआरसीपी सदस्य अंबाती रामबाबू के भाषण को बाधित करने की कोशिश की, जो विपक्षी दल पर हमला कर रहे थे। जब रामबाबू ने कथित तौर पर नायडू की पत्नी का जिक्र करते हुए कुछ भद्दी टिप्पणियां कीं, तो टीडीपी सदस्यों ने विरोध में मंच पर धावा बोल दिया और उनसे माफी की मांग की। A



