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*✍️जोमैटो कंपनी ने मांगी माफी,भिड़े थे कस्टमर और जोमैटो मैन….*

खाद्य सामग्री की डिलीवरी करने वाली कंपनी जोमैटो ने मंगलवार को उस व्यक्ति से माफी मांगी जिसने आरोप लगाया था कि कंपनी के कस्टमर केयर एजेंट ने ‘हिंदी’ भाषा न जानने के लिए उसे पैसे वापस करने से इनकार कर दिया।

साथ ही कंपनी ने संबंधित कर्मचारी को नौकरी से निकालने की भी घोषणा की। ”विकास” नाम के एक ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया जिससे माइक्रो ब्लॉगिंग साइट पर ”रिजेक्ट जोमैटो” हैशटैग ट्रेंड करने लगा।

कर्मचारी की ओर से ”अनजाने में की गयी गलती” थी

इसके जवाब में जोमैटो ने विकास से माफी मांगी और तमिल तथा अंग्रेजी दोनों भाषाओं में एक बयान जारी कर कहा कि कंपनी विविधता में यकीन रखती है। बहरहाल, कंपनी के संस्थापक दीपेंदर गोयल ने बाद में बर्खास्त कर्मचारी को फिर से नौकरी पर रखे जाने की घोषणा करते हुए कहा कि यह कर्मचारी की ओर से ”अनजाने में की गयी गलती” थी।

एक सीख भी मिली कि भारतीय होने के नाते मुझे हिंदी आनी चाहिए

इससे पहले विकास ने ट्वीट किया था कि उसने जोमैटो से खाना मंगवाया था और शिकायत की थी कि एक सामग्री नहीं दी गयी। उसने कंपनी को टैग करते हुए ट्वीट किया, ”कस्टमर केयर ने कहा कि पैसा वापस नहीं किया जा सकता क्योंकि मुझे हिंदी नहीं आती है। एक सीख भी मिली कि भारतीय होने के नाते मुझे हिंदी आनी चाहिए। उसने मुझे झूठा कहा क्योंकि वह तमिल नहीं जानती थी। जोमैटो, आप इस तरीके से ग्राहक से बात नहीं कर सकते।” उसने पूर्व कस्टमर केयर एजेंट के साथ अपनी कथित बातचीत के स्क्रीनशॉट भी साझा किए।

जोमैटो के एजेंट ने विकास से कहा कि हिंदी देश की राष्ट्रभाषा है

ऐसा आरोप है कि जोमैटो के एजेंट ने विकास से कहा कि हिंदी देश की राष्ट्रभाषा है। ”वडक्कम” तमिलनाडु के साथ शुरुआत करते हुए तमिल और अंग्रेजी दो भाषाओं में जारी किए बयान में जोमैटो ने कहा कि कंपनी को अपने पूर्व कर्मचारी के व्यवहार पर ”खेद” है।

हमारी विविध संस्कृति के प्रति अनदेखी के लिए हमने एजेंट को नौकरी से निकाल दिया

जोमैटो के ट्विटर हैंडल पर जारी बयान में कहा गया है, ”हमारी विविध संस्कृति के प्रति अनदेखी के लिए हमने एजेंट को नौकरी से निकाल दिया। नौकरी से निकालना हमारे प्रोटोकॉल के अनुरूप है और एजेंट का व्यवहार स्पष्ट तौर पर संवेदनशीलता के सिद्धांतों के खिलाफ था जिसके लिए हम अपने एजेंटों को नियमित रूप से प्रशिक्षण देते हैं।”

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