India lockdown news 2026: क्या भारत में लगने वाला है लॉकडाउन? जानें सरकार ने इस पर क्या कहा

India lockdown news 2026 LPG की कमी को लेकर देश में लॉकडाउन लगाए जाने की अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि ऐसा कुछ भी नहीं होने जा रहा है। सरकार ने कहा कि जनता की आवाजाही या आर्थिक गतिविधियों पर कोई पाबंदी लगाने की कोई योजना नहीं है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को ऐसी रिपोर्टों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन जैसी किसी कार्रवाई पर विचार नहीं किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘मैं लोगों को आश्वस्त करना चाहती हूं कि कोई लॉकडाउन नहीं होगा। मुझे आश्चर्य हो रहा है कि कुछ नेता कह रहे हैं कि लॉकडाउन होगा और ईंधन की कमी हो जाएगी। ये बातें बेबुनियाद हैं।’
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‘कोविड जैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा’
सीतारमण ने कहा, ‘नेताओं की तरफ से आने वाले ऐसे बयान चिंताजनक हैं। कोविड जैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा। मैं लोगों को फिर से आश्वस्त करना चाहती हूं कि कोविड जैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा।’ बता दें कि इससे पहले केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी साफ कहा कि देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा, जैसा कि महामारी के दौरान लगाया गया था। उन्होंने लॉकडाउन की अफवाहों की आलोचना करते हुए इसे ‘हानिकारक’ बताया।
‘लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह झूठी हैं’
हरदीप सिंह पुरी ने X पर पोस्ट में लिखा, ‘भारत में लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह झूठी हैं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि सरकार ऑफ इंडिया द्वारा ऐसी कोई प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है। ऐसे समय में हमें शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में अफवाहें फैलाने और दहशत पैदा करने के प्रयास हानिकारक हैं।’ वित्त मंत्री ने बताया कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से उपभोक्ताओं को बचाना है।
एक्साइज ड्यूटी में हुई है भारी कटौती
India lockdown news 2026बता दें कि सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती की है। अब पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी प्रति लीटर 3 रुपये रह गई है और डीजल पर शून्य कर दी गई है। डीजल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स 21.5 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है। यह कटौती वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच हुई है, जो अमेरिका-इजरायल के ईरान पर युद्ध और उसके बाद तेहरान द्वारा हॉर्मुज स्ट्रेट पर लगाई गई नाकेबंदी के कारण पैदा हुआ है। इस स्ट्रेट से दुनिया के कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति का पांचवां हिस्सा गुजरता है। संघर्ष से पहले भारत इस इलाके से 12 से 15 प्रतिशत तेल खरीदता था।



