Modi Cabinet: अब केरलम के नाम से जाना जाएगा केरल, पढ़ें- क्यों बदला जा रहा है नाम?

Modi Cabinet: आज मोदी कैबिनेट में कई अहम फैसले लिए गए. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज मंगलवार 24 फरवरी को केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने को मंजूरी दी. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा तीर्थ में आयोजित कैबिनेट की पहली बैठक में देश के विकास को नई ऊंचाई देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.
Modi Cabinet: आज मोदी कैबिनेट में कई अहम फैसले लिए गए. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज मंगलवार 24 फरवरी को केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने को मंजूरी दी. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा तीर्थ में आयोजित कैबिनेट की पहली बैठक में देश के विकास को नई ऊंचाई देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. अहमदाबाद मेट्रो का विस्तार किया जाएगा. साथ ही श्रीनगर एयरपोर्ट को नया टर्मिनल मिलेगा, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में रेलवे नेटवर्क के विस्तार को भी मंजूरी दी गई है.
अब ‘केरलम’ के नाम से जाना जाएगा केरल
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, ‘जब से भाषा के आधार पर राज्य का निर्माण हुआ, तब से इसकी मांग थी कि केरल का नाम केरलम होना चाहिए. इस मांग को कैबिनेट ने मंजूरी दी है.’ यह कदम राज्य में इस साल होने वाले केरल विधानसभा चुनाव से पहले उठाया गया है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केरल का नाम बदलने वाले विधेयक को अब राज्य विधानसभा में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. उन्होंने कहा कि नए पीएमओ भवन में आयोजित मंत्रिमंडल की पहली बैठक में 140 करोड़ लोगों के हित में सभी निर्णय लेने का प्रस्ताव पारित किया गया.
नए प्रधानमंत्री कार्यालय भवन ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित यूनियन कैबिनेट की यह पहली बैठक थी. केरल विधानसभा ने 24 जून, 2024 को आम सहमति से एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें केंद्र से राज्य का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर ‘केरलम’ करने का आग्रह किया गया था. केरल विधानसभा ने इस प्रस्ताव को दूसरी बार पारित किया क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहले प्रस्ताव की समीक्षा करते हुए कुछ तकनीकी बदलावों का सुझाव दिया था.
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन चाहते थे कि केंद्र सरकार संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में दक्षिणी राज्य का नाम केरल से बदलकर ‘केरलम’ कर दे. केरल विधानसभा ने अगस्त 2023 में इसी तरह का एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित करते हुए इसे केंद्र को भेजा था, लेकिन गृह मंत्रालय ने इसमें कुछ तकनीकी बदलावों का सुझाव दिया था. वहीं, भारतीय जनता पार्टी के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी इस साल के शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य का आधिकारिक नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ करने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि ‘केरलम’ नाम मलयालम भाषा और राज्य की सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है.
केरलम’ तक: नाम बदलने की पहल क्यों?
बता दें कि, केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को राज्य का नाम ‘Kerala’ से बदलकर ‘Keralam’ करने के संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया था. प्रस्ताव में कहा गया था कि ‘हमारे राज्य का नाम मलयालम भाषा में ‘Keralam’ है. राज्यों का गठन 1 नवंबर 1956 को भाषाई आधार पर किया गया था. केरल पिरावी दिवस भी 1 नवंबर को ही मनाया जाता है. राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन के समय से ही मलयालम भाषी लोगों के लिए संयुक्त केरल के गठन की मांग प्रबल रही है, लेकिन संविधान की पहली अनुसूची में हमारे राज्य का नाम ‘Kerala’ दर्ज है.’
भाषाई पहचान और मलयालम का सवाल
यानी यहां से ये एक फैक्ट पता चलता है कि केरल राज्य को भाषा के आधार पर बनाया गया था. राज्य की लोकल नेटिव लैंग्वेज मलयालम रही है. मलयालम में ही राज्य का नाम केरलम कहा जाता है. लोकल इसे केरलम ही बोलते आए हैं, लेकिन इंग्लिश में वह इसे केरला कहते हैं.



