Chhattisgarh current news: छत्तीसगढ़ में 3 दिन और बढ़ेगी ठंड, 3 डिग्री तक गिरेगा पारा, पें

Chhattisgarh current news उत्तर से आ रही हवा से सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सरगुजा जिले में आज सुबह घना कोहरा छाया रहा, कोहरे के कारण विजिबिलिटी 10 मीटर से कम थी। हालात ऐसे रहे कि वाहन चालकों को दिन में भी लाइट ऑन कर वाहन चलाने पड़े। यहां रात का पारा 4.8 डिग्री रहा।
सरगुजा में घना कोहरा, विजिबिलिटी 10 मीटर से कम:दिन में लाइट जलाकर चले वाहन, 3 दिन पड़ेगी कड़ाके की ठंड, 3° तक गिरेगा तापमान
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अगले तीन दिनों के भीतर न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। इससे रात और सुबह के समय ठंड का असर बढ़ेगा।
वहीं सरगुजा, रायपुर और बिलासपुर संभाग के एक-दो जिलों में घना कोहरा छाया रहेगा। इसे देखते हुए सुबह और रात के समय सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि इसके अलावा अगले 24 घंटे में मौसम कोई विशेष बदलाव होने की संभावना मौसम विभाग ने नहीं जताई है।
वहीं पिछले 24 घंटे की बात करें तो प्रदेश में सबसे अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रहा, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया। पेंड्रा-अमरकंटक क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है।
अंबिकापुर में ठंड से दूसरी मौत
अंबिकापुर से लगे श्रीगढ़ में नए साल की रात एक बुजुर्ग की ठंड से मौत हो गई थी। उनका शव पैरावट में अकड़ा हुआ मिला। कम कपड़ों में खुले में सो जाने के कारण वह हाइपोथर्मिया की चपेट में आ गए।
अंबिकापुर में यह ठंड से मौत का दूसरा मामला है। इससे पहले, 11 दिसंबर की रात अंबिकापुर बस स्टैंड में खुले में सोए एक व्यक्ति की भी ठंड से मौत हो गई थी।
बच्चों पर पड़ रहा ठंड का असर
कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। बीते एक महीने में रायपुर के अंबेडकर समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है।
नवजातों की मांसपेशियां कम विकसित होती हैं, जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते। वहीं, सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में हाइपोथर्मिया का खतरा और बढ़ जाता है।
NICU और SNCU तक पहुंच रहे मामले
Chhattisgarh current newsडॉक्टरों के अनुसार, पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने पर बच्चों को एनआईसीयू (NICU) और एसएनसीयू (SNCU) में भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है। नवजात का शरीर अचानक ठंडा पड़ जाना या तापमान सामान्य से कम हो जाना हाइपोथर्मिया का प्रमुख लक्षण है।



