8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए GOOD NEWS!लागू होगा 8th Pay Commission!
8th Pay Commission लंबे समय से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे सरकारी कर्मचारियों को जल्द ही बड़ी सौगात मिल सकती है। जी हां केंद्र की मोदी सरकार 7th Pay Commission के तहत मंहगाई भत्ते में बढ़ोतरी की तैयारी तो कर ही रही है, साथ ही कर्मचारियों को एक और बड़ी सौगात देने की लगभग पूरी तैयारी हो चुकी है। मोदी सरकार के इस फैसले का सीधा लाभ देशभर के 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा। तो चलिए आपको बताते हैं कि क्या तैयारी है सरकार की?
लागू होगा 8th Pay Commission
दरअसल केंद्र सरकार ने 7 मार्च 2024 को केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4 प्रतिशत बढ़ोतरी कर दिया था। इसके बाद कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत हो गया था। वहीं, महंगाई भत्ते की दर 50 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद अब कर्मचारी संगठन नए वेतन आयोग यानि 8th Pay Commission लागू करने की मांग कर रहे हैं। ऐसे मे मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मोदी सरकार जनवरी 2025 से 8th Pay Commission लागू कर सकती है। बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से नए वेतन आयोग को लेकर अभी तक कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
कर्मचारी संगठन ने लिखा पत्र
हाल ही में कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (Do&PT) को लिखे एक लेटर में भारतीय रेलवे तकनीकी पर्यवेक्षक संघ ने सरकार से 8वें वेतन आयोग का गठन करने और भविष्य की विसंगतियों को कम करने के लिए सभी मौजूदा विसंगतियों को दूर करने का आग्रह किया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (Do&PT) ने इस लेटर पर आगे की कार्रवाई के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री के Expenditure Department को भेज दिया है। व्यय मंत्रालय (Expenditure Department) वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
2014 में हुआ था 7th Pay Commission का गठन
गौरतलब है कि वर्तमान 7वें वेतन आयोग का गठन 2014 में हुआ था और इसकी सिफारिशें 2016 में लागू हुईं। इसके बाद अब तक केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन में लगभग 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर चुकी है। आमतौर पर हर 10 साल में एक केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया जाता है। हालांकि, ऐसा कानूनन अनिवार्य नहीं है। वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाओं और फायदों को बनाने जांच करने, समीक्षा, डेवलपमेंट और बदलाव की सिफारिश करता है। पहला वेतन आयोग 1946 में लागू हुआ था।
DA कैलकुलेट करने का है फॉर्मूला
8th Pay Commission डीए सरकारी कर्मचारियों को दिया जाता है, जबकि डीआर पेंशनर्स को दिया जाता है। डीए और डीआर में साल दो बार बढ़ोतरी की जाती है। डीए और डीआर बढ़ोतरी अखिल भारतीय सीपीआई-आईडब्ल्यू (CPI-IW) के 12 महीने के औसत में प्रतिशत बढ़ोतरी के आधार पर तय की जाती है। हालांकि, केंद्र सरकार हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को भत्तों में संशोधन करती है, लेकिन आम तौर पर निर्णय की घोषणा मार्च और सितंबर या अक्टूबर में की जाती है। 2006 में केंद्र सरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए डीए और डीआर के कैलकुलेशन करने के फॉर्मूले को रिवाइज किया था।



