*✍️केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की बैठक….लॉकडाउन लगाने की जरूरत…जाने क्या है पूरा मामला…पढ़े पूरी खबर…*

नई दिल्ली: केरल में कोरोना के मामले लगातार तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. राज्य में रोजाना 30 हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं. इस बीच कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार के 6 सितंबर से 11वीं कक्षा की परीक्षा ऑफलाइन कराने के आदेश पर रोक लगा दी है. फिलहाल अभी इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है कि परीक्षा कब होगी. अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 सितंबर को होगी.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केरल में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. राज्य के मौजूदा हालात बेहद चिंताजनक हैं. ऐसी विषम परिस्थितियों में कम उम्र के बच्चों को किसी भी तरह से जोखिम में नहीं डाला जा सकता है. कोर्ट ने कहा कि राज्य में प्रतिदिन करीब 35 हजार मामले सामने आ रहे हैं इसलिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि बच्चों को सुरक्षित रखा जाए.
जिसे देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh L. Mandaviya) ने आज समीक्षा बैठक की है. केंद्र ने कर्नाटक और तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्रियों से कहा कि इन राज्यों में केरल की वजह से केस न बढ़े इसलिए पर्याप्त कदम उठाने की जरूरत है. केंद्र ने कहा कि कर्नाटक और तमिलनाडु के वो जिले जो केरल से सटे हैं वहां पर खास कदम उठाने की जरूरत है. इन जिलों में वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज करने की जरूरत है.
इससे पहले खबर आई कि स्वास्थ्य मंत्रालय के शीर्ष आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि बिगड़ते हालात पर काबू पाने के लिए केरल में रणनीति के तहत लॉकडाउन की जरूरत है. सूत्रों का कहना है कि अगर सख्त लॉकडाउन और कड़े कंटनेमेंट नियम अपनाए जाएं तो सितंबर के मध्य तक केरल में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों में कमी आ सकती है.
इस तरह का लॉकडाउन पूरे जिला स्तर पर नहीं, बल्कि मोहल्ले व कस्बों के आधार पर लगाया जाए, जहां अधिक लोग पॉजिटिव मिल रहे हैं. केरल में 85 फीसदी कोरोना मरीज होम आइसोलेशन में हैं. लेकिन इन मरीजों की ठीक से मॉनीटरिंग नहीं हो रही है. इनके चलते मामले बढ़ रहे हैं क्योंकि वे लोग लगातार घूम रहे हैं और लोगों के बीच संक्रमण फैला रहे हैं.



