21 जून से वैक्सीनेशन की नई गाइडलाइन लागू होगी, जानिए किस तरह बदलेगा वैक्सीनेशन का पूरा सिस्टम….*

केंद्र सरकार ने 18 साल से ज्यादा उम्र वालों को फ्री वैक्सीन लगाने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश में सरकार के इस फैसले की घोषणा की थी। 21 जून से 18+ के सभी नागरिकों को फ्री वैक्सीन दी जाएगी। इसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीनेशन प्रोग्राम की नई गाइडलाइन जारी की है। ये गाइडलाइन 21 जून से लागू हो जाएगी।
आइए, समझते हैं अभी तक वैक्सीनेशन प्रोग्राम किस तरह चलाया जा रहा था, केंद्र और राज्यों के बीच वैक्सीन को लेकर क्या नियम थे और 21 जून से देश में चलने जा रहे वैक्सीनेशन प्रोग्राम से क्या-क्या बदलाव आएंगे…
सवाल: अब राज्यों को किस हिसाब से वैक्सीन मिलेगी?
जवाब: राज्यों को उनकी जनसंख्या, कोरोना केस और वैक्सीनेशन की रफ्तार के आधार पर केंद्र वैक्सीन सप्लाई करेगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने राज्यों को चेतावनी भी दी है कि वैक्सीन का वेस्टेज होने पर सप्लाई में कमी की जा सकती है। यानी राज्यों को ज्यादा वैक्सीन डोज पाने के लिए कम से कम वेस्टेज करते हुए ज्यादा रफ्तार से वैक्सीनेशन करना होगा।
सवाल: तो क्या 18+ के सभी लोगों को फ्री मिलेगी वैक्सीन?
जवाब: हां, 21 जून से अगर आप सरकारी वैक्सीनेशन सेंटर में वैक्सीन लगवा रहे हैं तो आपको वैक्सीन के लिए कोई कीमत नहीं चुकानी होगी। हालांकि प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन के लिए आपको पैसे देने होंगे।
सवाल: प्राइवेट हॉस्पिटल्स में वैक्सीन की क्या कीमत होगी?
जवाब: प्राइवेट हॉस्पिटल्स में अलग-अलग वैक्सीन की अलग-अलग कीमत होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक प्राइवेट हॉस्पिटल में कोवीशील्ड 780 रुपए में मिलेगी। देश में फिलहाल दी जा रही तीनों वैक्सीन में से ये सबसे कम कीमत है। इसके अलावा कोवैक्सिन के लिए 1410 और स्पुतनिक-V के लिए आपको 1145 रुपए चुकाने होंगे। ये वैक्सीन के एक डोज की कीमत है। साथ ही प्राइवेट हॉस्पिटल आपसे सर्विस चार्ज के रूप में 150 रुपए तक ले सकते हैं।
नई गाइडलाइंस में और क्या-क्या बातें शामिल हैं?
- केंद्र सरकार राज्यों को पहले ही बता देगी कि उन्हें कितने डोज मिलने वाले हैं। इस आंकड़े के आधार पर राज्य अपनी तैयारी कर सकेंगे। हर जिले और वैक्सीनेशन सेंटर को अपने पास उपलब्ध डोज की जानकारी को सार्वजनिक करना होगा, ताकि लोगों को दिक्कत न हो।
- इसके साथ ही आर्थिक तौर पर कमजोर तबके के लिए सरकार ने ई-वाउचर की व्यवस्था की है। इन वाउचर के जरिए गरीबों को प्राइवेट अस्पतालों में फ्री वैक्सीन लगाई जाएगी। ये नॉन ट्रांसफरेबल होंगे। यानी वाउचर का इस्तेमाल सिर्फ वही व्यक्ति कर सकेगा जिसके नाम पर यह इश्यू किया जाएगा।
- ग्रामीण इलाकों में वैक्सीनेशन को रफ्तार देने के लिए सरकार छोटे कस्बों और दूरदराज के इलाकों में स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल में वैक्सीन सप्लाई बढ़ाने में मदद करेगी। ऐसे हॉस्पिटल में वैक्सीन की डिमांड की जानकारी राज्यों से ली जाएगी।
- लोक कल्याण की भावना को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अपील की है कि जो लोग आर्थिक तौर पर सक्षम हैं, उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में पैसे देकर वैक्सीन लगवानी चाहिए।



