*✍️RGHNEWS ब्रेकिंग:- अब आया मौजूदा वायरस से 15 गुना ज्यादा खतरनाक... 3-4 दिन में ही ऑक्सीजन लेवल पर बुरा असर डालता है,बस्तर से भी भुवनेश्वर भेजे गए हैं 20 सैंपल....* – RGH NEWS
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*✍️RGHNEWS ब्रेकिंग:- अब आया मौजूदा वायरस से 15 गुना ज्यादा खतरनाक… 3-4 दिन में ही ऑक्सीजन लेवल पर बुरा असर डालता है,बस्तर से भी भुवनेश्वर भेजे गए हैं 20 सैंपल….*

RGHNEWS  कोरोना की दूसरी लहर के बीच आंध्र प्रदेश से परेशानी बढ़ाने वाली खबर है। यहां वायरस का नया स्ट्रेन मिला है। इसे AP Strain और N440K नाम दिया गया है। सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) के वैज्ञानिकों का दावा है कि भारत में मौजूदा स्ट्रेन के मुकाबले नया वैरिएंट 15 गुना ज्यादा खतरनाक है।

इससे संक्रमित होने वाले मरीज 3-4 दिनों में हाइपोक्सिया या डिस्पनिया के शिकार हो जाते हैं। इस स्थिति में सांस मरीज के फेफड़े तक पहुंचना बंद हो जाती है। सही समय पर इलाज और ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं मिलने पर मरीज की मौत हो जाती है। भारत में इन दिनों इसी के चलते ज्यादातर मरीजों की मौत हो रही है।

कुरनूल में हुई पहचान, तेजी से फैल रहा

वैज्ञानिकों के मुताबिक, सबसे पहले इस स्ट्रेन की पहचान आंध्र प्रदेश के कुरनूल में हुई थी। ये आम लोगों के बीच काफी तेजी से फैल रहा है। सबसे चिंता की बात ये है कि यह वैरिएंट अच्छी इम्यूनिटी वाले लोगों को भी चपेट में ले रहा है। इस स्ट्रेन के कारण लोगों के शरीर में साइटोकाइन स्टॉर्म की समस्या आती है।

युवाओं और बच्चों में तेजी से फैला

वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये स्ट्रेन युवाओं और बच्चों पर तेजी से फैल हो रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर समय रहते इसकी चेन को तोड़ा नहीं गया तो कोरोना की ये दूसरी लहर और भी ज्यादा भयावह हो सकती है, क्योंकि ये मौजूदा स्ट्रेन B.1617 और B.117 से कहीं ज्यादा खतरनाक है।

बस्तर से भी भुवनेश्वर भेजे गए हैं 20 सैंपल

बस्तर में कोरोनावायरस का कौन सा वैरीअंट है जिस से संक्रमित होने के बाद रोगियों पर दवाएं असर नहीं कर रही हैं । इसका पता लगाने के लिए बस्तर क्षेत्र से 20 सेंपल उड़ीसा के भुवनेश्वर लैब में भेजे गए हैं। वहां से रिपोर्ट आने के बाद पता चल सकेगा कि क्या छत्तीसगढ़ में भी यह नया वैरिएंट है या यह कुछ और है।

3-4दिन में ही मरीज पहुंच जाता है गंभीर हालत में

एपी स्ट्रेन (AP Strain) यानी N440K वैरिएंट को सबसे पहले आंध्र प्रदेश के कुरनूल में खोजा गया था. यह वैरिएंट B1.617 और B1.618 वैरिएंट से ज्यादा ताकतवर है. विशाखापट्नम के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर वी.विनय चंद ने बताया कि CCMB में इस समय कई वैरिएंट्स की जांच की जा रही है. कौन सा वैरिएंट कितना खतरनाक है ये तो CCMB के साइंटिस्ट ही बता पाएंगे. लेकिन यह बात सच है कि नया स्ट्रेन मिला है. उसके सैंपल प्रयोगशाला में भेजे गए हैं.ऐसा देखने में आ रहा है कि कोरोना वायरस का नया एपी स्ट्रेन (AP Strain) यानी N440K वैरिएंट जल्दी विकसित हो रहा है. इसका इनक्यूबेशन पीरियड और बीमारी फैलाने की समयसीमा कम है. ये काफी तेजी से फैल रहा है साथ ही ज्यादा लोगों को संक्रमित कर रहा है. इस स्ट्रेन से संक्रमित लोग 3 से 4 दिन में ही गंभीर हालत में पहुंच जा रहे हैं।

दक्षिण भारत मे पांच वैरिएंट

दक्षिण भारत में इस समय पांच मुख्य कोरोना वैरिएंट फैले हुए हैं. इनमें शामिल हैं B.1, B.1.1.7, B.1.351, B.1.617 और B.1.36* (N440K). ऐसा देखने को मिल रहा है कि दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में इस समय एपी स्ट्रेन (AP Strain) यानी N440K वैरिएंट काफी तेजी से फैल रहा है.

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