*✍️रिश्तों में बढ़ रही है दूरियां तो ऐसे बनाएं अपना रिश्ता मजबूत, बना रहेगा प्यार….*

RGHNEWS किसी शायर ने सही कहा है कि- “जब थोड़ी फुर्सत मिले दिल की बात कह दीजिए, बहुत खामोश रिश्ते भी ज्यादा दिनों तक ज़िंदा नहीं रहते”… वर्तमान समय में रिश्ते निभाने की बात पर ये पंक्तियां बिल्कुल सटीक बैठती हैं। सच ही तो है कि इन दिनों रिश्ते लाइक और कमेंट में उलझ कर रह गए हैं। लोग मोबाइल स्क्रीन के माध्यम से ही एक-दूसरे के टच में रहते हैं। वास्तविक दुनिया में टच में रहना या रखना अब गैर जरूरी सा होता जा रहा है। ऐसे में जिंदगी के सारे अहम रिश्ते दम तोड़ रहे हैं और हम वर्चुअल दुनिया में रह कर ही खुशियां मना रहे हैं और उन्हीं रिश्तों को अपनी जागीर मान रहे हैं, जबकि हकीकत यही है कि वह झूठी और बनावटी दुनिया है।कोई भी रिश्ता शर्तों के आधार पर कायम नहीं किया जा सकता है। विश्वास और समर्पण होना बेहद जरूरी है। अच्छे रिश्ते और संबंध एक-दूसरे की आजादी नहीं छीनते बल्कि एक-दूसरे को आजादी देते हैं। यदि एक साथी अपनी भावनाओं को शेयर करना चाहता है तो दूसरे का फर्ज है कि वह उनका आदर और सम्मान करें।
रिश्तों को मजबूत बनाने के तरीके
रिश्ते दिल से निभाए जाते हैं – आपके रिश्तों का आपसे सम्बन्ध कुछ ऐसा होता है जैसा दिल और धड़कन का। अगर आप दिल है तो आपके रिश्ते धड़कन।
रिश्ता चाहे दोस्ती का हो, प्यार का हो या परिवार का, रिश्ते दिल से निभाए जाते है, न कि दिमाग से क्योंकि रिश्तों को दिमाग की कसौटी पर कसते कसते कब उन रिश्तों में से प्यार ओझल हो जाता है, पता ही नहीं चलता।
इसलिए रिश्तों को दिल में धड़कन की तरह बसने दीजिये, दिमाग में आने वाले अनगिनत विचारों की तरह नहीं।
रिश्तों में नफ़ा-नुकसान नहीं होता – अगर आप रिश्तों को फायदे और नुकसान के तराजू में तोलते है तो ये आपकी बहुत बड़ी भूल है। नफ़ा-नुकसान तो व्यापार में देखा जाता है और रिश्ते व्यापार नहीं होते।
लेकिन फिर भी अगर आप रिश्तों को फायदे के लिए बनाते हैं तो इसमें भी व्यापार की तरह धोखा और मात खाने के लिए तैयार रहिए। व्यापार में आप सौदा करते हैं लेकिन रिश्ते तो भावनाओं की साझेदारी है।
विश्वास है रिश्तों की नींव – रिश्ता कोई भी हो, अगर उसमें विश्वास है तो वो रिश्ता हमेशा अटूट बना रहेगा लेकिन अगर संदेह और अविश्वास की स्थिति बार बार बनायीं जाए तो मजबूत से मजबूत रिश्ता भी पल भर में बिखर सकता है।
पारदर्शिता लाती है रिश्तों में चमक – रिश्ते बनाये जाते हैं मन की बातें साझा करने के लिए, मुसीबत में साथ निभाने के लिए और खुशियों की उम्र बढ़ाने के लिए।लेकिन अगर रिश्ते में दिल खोल के बात ना की जाए और बातों को छुपाया जाए तो रिश्ते में संदेह और असंतोष जनम लेने लगता है जो आपके रिश्तों के लिए घातक हो सकता है इसलिए अपने रिश्तों में पारदर्शिता लाइए और जो कुछ आपके दिल में है, उसे बाँटिये ।
अपनी ग़लतियों को स्वीकारिये – ग़लती हर किसी से होती है लेकिन अगर आप अपने रिश्तों की कद्र करते हैं तो अपनी ग़लतियों को स्वीकार करना शुरू कीजिये, उनके लिए दिल से माफ़ी मांगिये और उन्हें ना दोहराने का वादा कीजिये। ऐसा करके आप पाएंगे कि आपके बोझिल रिश्तों में हल्कापन आने लगा है।
दूसरों की बातों का भी उतना ही महत्व है जितना आपकी बातों का – अक्सर आप अपने रिश्तों के बीच बैठकर तब हल्का महसूस करते हैं जब आप अपने मन की कोई बात उनके साथ शेयर कर पाते हैं।
लेकिन क्या आप अपने रिश्तों के बीच तब भी मौजूद होते हैं जब उन्हें आपसे कोई मन की बात शेयर करनी हो? हो सकता है कि अपनी बात कहने तक तो आप रुकते हो, लेकिन उनकी बात सुनने के लिए ना आपके पास समय होता है, ना ही रूचि।
अगर वाकई ऐसा है तो इसे तुरंत सुधार लीजिये क्योंकि उनकी बात भी उतना ही महत्व रखती है जितना आपकी बातें और उन्हें भी आपकी उतनी ही ज़रूरत होती है जितनी आपको उनकी।
रिश्ते भी आपका कुछ समय चाहते हैं – अक्सर बाहरी दुनिया में मशगूल होने के कारण आप ये सोच ही नहीं पाते कि आपके करीबी रिश्तों को भी आपके समय की जरुरत है और इस सोच से अनजान आप अपना सारा समय पैसा कमाने, बाहरी दुनिया को प्रभावित करने में गुज़ार देते है जिसके कारण मजबूत से मजबूत रिश्ते में भी सूनापन घर करने लगता है। समय रहते आपको ऐसा होने से रोकना होगा।
अच्छे रिश्ते हर किसी के पास हो, ये ज़रूरी नहीं। लेकिन ये ज़रूरी है कि अच्छे और मजबूत रिश्तों रूपी पौधे की देखभाल की जाए और उन्हें नियमित रूप से प्यार से सींचा जाए, तभी ये रिश्ते रूपी पौधे हरे भरे पेड़ बन सकेंगे और आपको सुन्दर फूल और फलों जैसी ख़ुशियाँ दे पाएंगे।
खुश रहना तो आप चाहते ही होंगे, तो बस अभी से अपने रिश्तों में बिखरी इन छोटी छोटी ख़ुशियों को समेटना शुरू कर दीजिये, कुछ ही वक़्त में आप पाएंगे कि आपके सभी रिश्ते इसमें आपका बराबरी से हाथ बंटा रहे हैं। बस शुरुआत करने की देर है, तो आप ही कर दीजिये ना इस बेहतर काम की शुरुआत..इसी पल।