*✍️रायगढ़ जिला कांग्रेस कार्यालय में छत्तीसगढ़ के पहले बैरिस्टर छेदीलाल ठाकुर जी की पुण्यतिथि मनाया गया.....* – RGH NEWS
रायगढ़ न्यूज़ (समाचार)

*✍️रायगढ़ जिला कांग्रेस कार्यालय में छत्तीसगढ़ के पहले बैरिस्टर छेदीलाल ठाकुर जी की पुण्यतिथि मनाया गया…..*

रायगढ़ 18 सितंबर 2021:- आज रायगढ़ जिला कांग्रेस कार्यालय में छत्तीसगढ़ के विभूतियों में से एक,छत्तीसगढ़ के पहले बैरिस्टर छेदीलाल ठाकुर की पुण्यतिथि को बड़े ही शालीनता के साथ जिलाध्यक्ष अनिल शुक्ला के नेतृत्व में मनाया गया।

सर्वप्रथम जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने बैरिस्टर छेदीलाल ठाकुर के छायाचित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया। तत्पश्चात उपस्थित सभी कांग्रेस के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी एक एक कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

उसके बाद जिला अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने बैरिस्टर छेदीलाल ठाकुर के जीवन पर और उनके किए गए कार्यों से सभी उपस्थित जनों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल एक स्वतंत्रता सेनानी एवं कानूनी विद्वान थे, जो बिलासपुर, तथा छत्तीसगढ़ राज्य के पहले बैरिस्टर थे। बाद में उन्हें मध्य प्रांत और बरार राज्य से संविधान सभा के सदस्य चुने गया।
बैरिस्टर छेदीलाल प्रयाग के म्योर कॉलेज से इंटरमीडिएट करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए ऑक्सफोर्ड चले गए। वहां पर उन्होंने इतिहास में एम. ए., एल. एल. बी. और बार-एट -लॉ की उपाधि प्राप्त की। उन्हे हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू और संस्कृत की भाषा में वे काफी निपुण थे।

लंदन में ही में ‘इंडिया हाउस’ नामक क्रांतिकारी संगठन के संपर्क में आए और फ्रांस में उन्होंने बम निर्माण का प्रशिक्षण लिया। 1919 से वे स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रहे। 1921 में बनारस वि.वि.और 1922 में गुरुकुल कांगड़ी में कुछ समय तक अध्यापन का कार्य भी किया।
शुरुआत में उनका झुकाव स्वराज्य पार्टी की ओर रहा लेकिन 1928 में उन्होंने गांधी जी से प्रभावित होकर कांग्रेस की ओर अपना रास्ता चुन लिया। बिलासपुर अंचल में जागृति फैलाने के लिए उन्होंने रामलीला के मंच से राष्ट्रीय रामायण का अभिनव प्रयोग किया। 1937 के प्रांतीय चुनावों में वह सेन्ट्रल प्रॉविंस (मध्य प्रांत) से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में विजय होने पर विधायक चुने गए। कानूनी विद्वान् होने के कारण उन्हें, (1946 – 50) तक सविधान सभा के सदस्य के रूप चुना गया, तथा (1950- 52) तक वह अस्थायी संसद के सदस्य मनोनीत किये गए। वर्ष 1953 में उनकी मृत्यु हो गई। मध्य प्रदेश के विभाजन के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ के पहला बैरिस्टर कहा जाता है। वह छत्तीसगढ़ राज्य के महान् शख्सियतों में एक हैं, उनकी स्मृति में छत्तीसगढ़ राज्य में अनेक संस्थाओं को स्थापित किया गया है।

आज के कार्यक्रम में प्रमुख रूप से
जिला कांग्रेस प्रभारी महामंत्री शाखा यादव,ब्लाक अध्यक्षद्वय विकास ठेठवार,मदन महंत,राकेश पाण्डेय,वसीम खान,संजय चौहान,मिलन मिश्रा, लक्ष्मण महिलाने,मेघनाथ देवांगन,संतोष ढीमर,सतीश मानिकपुरी,अमृत काटजू,गणेश घोरे,शेख ताज़ीम,जीतराम यादव,विक्रम सिंह यादव,फहद अली,ओमप्रकाश मिश्रा,शाकि ब अनवर,नितिन पाणिग्रही, तीजलाल बरेठ,बाबू खान,घासीदास महंत,आदि कांग्रेसी उपास्तिथ थे

उक्तशाय की जानकारी जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी वसीम खान ने दी

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