*✍️तेजतर्रार व संवेदनशील रायगढ़ कलेक्टर के जिले में फिर आया अवैध वसूली का मामला, ग्रामीण को डरा धमका कर वन रक्षक व प्रधान आरक्षक पर 10 हजार वसूलने का लगा आरोप…!!!*

ट्रेक्टर में लोड कर गिट्टी ले जा रहे ग्रामीण से गोमर्डा अभयारण्य के वन रक्षक व थाने में पदस्थ हवलदार द्वारा 10 हजार रुपये डरा धमका कर वसूली कर लिये लेकिन शेष 5 हजार के लिए अत्यधिक दबाव बनाए जाने पर पीड़ित ने इसकी लिखित शिकायत एसडीओपी दफ्तर में कर दिया। वसूली का जिन एक बार फिर सामने आते ही अंचल से लेकर मुख्यालय में आलाधिकारियों के कान खड़े कर दिए।जबकि पखवाड़े भर पहले तहसीलदार व थाना के ही सब इंस्पेक्टर ऐसे ही वसूली कांड में निलंबित हो चुके है।
आवेदक नारायण कुर्रे ग्राम भवंरपुर थाना सारंगढ़ का रहने वाला है। नारायण ने अपने आवेदन में उल्लेख किया कि वह 15 जून की सुबह अपने निजी ट्रैक्टर वाहन से ग्राम भवंरपुर बरदरहा राजस्व सरकारी व निजी भूमि लात नाला के पास गिट्टी लेने के लिए गया था। जहां वनरक्षक खगेश्वर रात्रे थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक बेहरा एवं अन्य आरक्षक आये हुए थे। जिनके द्वारा आवेदक को वर्दी व कानून का धौंस दिखाकर डराते हुए जेल भेजे जाने की धमकी देने लगे। ट्रेक्टर को थाने में खड़ी करवाकर सड़ाने की बात कहने लगे। इससे डर कर प्रार्थी ने प्रधान आरक्षक बेहरा को 10 हजार रुपये दिया गया। ततपश्चात घर आ गया। इसके बाद उनके द्वारा बारंबार फोन करके शेष रकम की मांग करने लगे। इससे व्यथित होकर ग्रामीण ट्रेक्टर मालिक ने एसडीएम दफ्तर में आकर जिला कलेक्टर, एसपी एवं वन मंडल अधिकारी को प्रतिलिपि में आवेदन उचित कार्रवाई के लिए दिया है। प्रार्थी के आवेदन देते ही इसकी भनक दोनो विभाग में लगते ही पुलिसकर्मियों से लेकर वन कर्मचारियों एवं आमजनों में चर्चा का विषय बन गया है।



