*✍️आजाद भारत के इतिहास में पहली बार किसी महिला को मिलेगी फांसी की सजा,तैयारियां शुरू कर दी गयी है…*

RGHNEWS देश ने कई लोगों को फांसी की सजा पाते हुए देखा है, लेकिन इनमें कभी भी किसी महिला को फांसी की सजा नहीं हुई है। अब यह इतिहास बदलने जा रहा है।आजाद भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा होने जा किसी महिला कैदी को फांसी पर लटकाया जाएगा.
गौरतलब है कि मथुरा स्थित उत्तर प्रदेश के एकलौते महिला फांसीघर में अमरोहा की रहने वाली शबनम को मौत की सजा दी जाएगी. इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है. हालांकि फांसी की तारीख अभी तय नहीं है. बता दे कि शबनम ने अप्रैल 2008 मे प्रेमी के साथ मिलकर अपने सात परिजनों की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शबनम की फांसी की सजा बरकरार रखी थी. राष्ट्रपति ने भी उसकी दया याचिका ख़ारिज कर दी है. लिहाजा अगर सब कुछ ठीक रहा तो आजादी के बाद शबनम पहली महिला कैदी होगी जिसे फांसी पर लटकाया जाएगा. निर्भया के आरोपियों को फांसी पर लटकाने वाले मेरठ के पवन जल्लाद भी दो बार फांसीघर का निरीक्षण कर चुके हैं. अगर कोई गड़बड़ी नहीं होती है तो यह पहली बार होगा कि देश में किसी महिला को फांसी दी जाएगी।
मथुरा जेल में 150 साल पहले,पहला महिला फांसीघर बनाया गया था. लेकिन आजादी के बाद से अब तक किसी भी महिला को फांसी की सजा नहीं दी गई. हालांकिअभी फांसी की तारीख तय नहीं है.जेल अधीक्षक ने बताया लेकिन हमने तयारी शुरू कर दी है. डेथ वारंट जारी होते ही शबनम को फांसी दे दी जाएगी