*✍️अस्पताल में रात को औचक निरीक्षण करने गए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को आम आदमी समझ गार्ड ने मारा डंडा…जानें फिर क्या हुआ…..*

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि बीते दिनों जब सफदरजंग अस्पताल में वे औचक निरीक्षण करने के लिए आम मरीज बनकर पहुंचे तो बेंच पर बैठने नी एक गार्ड ने उन्हें डंडा मार दिया। मंत्री ने कहा उस दौरान उन्हें अस्पताल में काफी अव्यवस्था दिखी। यह बात मांडविया ने गुरुवार को उसी अस्पताल में स्वास्थ्य संबंधी चार सुविधाएं शुरू करने के दौरान कार्यक्रम में मौजूद डाक्टरों से साझा की।
मांडविया ने सफदरजंग अस्पताल में नए आक्सीजन प्लांट, कोरोना के इलाज के लिए तैयार अस्थायी अस्पताल सहित 4 सुविधाओं का शुभारंभ किया। इसके बाद डाक्टरों को संबोधित करते हुए उन्होंने यहां औचक निरीक्षण के समय की आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि वह एक आम मरीज की तरह बेंच पर बैठे तो गार्ड ने उन्हें डंडा मारा और कहा कि यहां नहीं बैठना।
मांडविया ने बताया कि अस्पताल में लगभग 75 साल की एक बुजुर्ग महिला को उसके बेटे के लिए स्ट्रेचर की जरूरत थी। परेशान हो रही बुजुर्ग महिला को स्ट्रेचर दिलाने और ले जाने में सुरक्षा गार्डों ने मदद नहीं की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि मरीजों को बिल्कुल भी परेशानी न हो। यदि अस्पताल में 1500 गार्ड हैं तो ये स्ट्रेचर ले जाने में बुजुर्ग महिला की मदद क्यों नहीं कर सकते।
मंत्री ने बताया कि उन्होंने इस औचक निरीक्षण का अनुभव प्रधानमंत्री मोदी से भी साझा किया। पीएम ने पूछा कि क्या जिस गार्ड ने डंडा मारा, उसे निलंबित कर दिया? जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नहीं, क्योंकि वह व्यवस्था को बेहतर बनाना चाहते हैं। अस्पताल व डाक्टरों को एक ही सिक्के के दो पहलू बताते हुए मांडविया ने कोरोना के इलाज में डाक्टरों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की और कहा कि सभी डाक्टरों को टीम वर्क के रूप में काम करना चाहिए।



