यहां के होटल में आतंकी बरसा रहे ताबड़तोड़ गोलियां, खिड़कियों से कूद रहे लोग

Loud Blast in Afghanistan: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मुंबई के 26/11 जैसा आतंकी हमला हुआ है. आतंकियों ने पहले होटल के दरवाजे पर धमाका किया और इसके बाद वो होटल में घुस गए. इसके बाद आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी, जो अभी भी जारी है. होटल में कितने आतंकी हैं इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. हालांकि अफगानी फोर्सेस ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है.
गोलीबारी के बीच होटल में मौजूद लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों के कूद रहे हैं. सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही वीडियो में उनके कूदने के शॉट्स देखने को मिले हैं. धमाके की जगह पर गोलीबारी की आवाज अभी भी आ रही है. ये धमाकाएक गेस्ट हाउस के पास हुआ है जो चीनी कारोबारियों के बीच काफी लोकप्रिय है. जानकारी के मुताबिक हमलावरों ने धमाके के बाद होटल में घुसकर ताबड़तोड़ गोलीबारी की. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, स्थानीय आतंकियों ने होटल पर हमला किया है.
किसी ने नहीं ली हमले की जिम्मेदारी
जिस होटल पर हमलावरों ने अटैक किया वो एक बहुमंजिला परिसर है. सूत्रों के मुताबिक धमाके के बाद अज्ञात संख्या में हमलावर होटल में घुसे थे. मौके पर तालिबानी सरकारी की स्पेशल टीमें पहुंच गई हैं. गोलीबारी जारी है. इस हमले को लेकर अभी तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है. ऐसे ये कहना मुश्किल है किस आतंकी संगठन ने ये हमला किया है.
इस धमाके के बाद चश्मदीद ने बताया, ‘यह बहुत तेज धमाका था और इसके बाद तेज गोलीबारी हुई.’ हालांकि, इस धमाके को लेकर अभी तक किसी अधिकारी ने कोई बयान जारी नहीं किया है. जानकारी के मुताबिक ये ब्लास्ट काबुल के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में से एक शहर-ए-नौ में हुआ है.
स्पिन बोल्डक में एक दिन पहले ही हुआ था अटैक
अफगानिस्तान के बॉर्डर इलाके स्पिन बोल्डक में हुए मोर्टार हमले के एक दिन बाद ये हमला हुआ है. स्पिन बोल्डक हमले में 4 लोगों की मौत हो गई थी और 20 लोग घायल हो गए थे. सूत्र के मुताबिक, इस्लामिक अमीरात और पाकिस्तानी सेना के बीच संघर्ष अभी भी जारी है.
Loud Blast in Afghanistan: हाल के दिनों में देखें तो तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद बड़ी संख्या में चीनी कारोबारियों का अफगानिस्तान आना-जाना लगा रहता है. अफगानिस्तान के साथ 76 किलोमीटर की सीमा साझा करने वाले चीन ने आधिकारिक तौर पर तालिबान सरकार को मान्यता नहीं दी है. इसके बावजूद चीन उन चुनिंदा देशों में से एक है जिसने वहां पूर्ण राजनयिक उपस्थिति बनाए रखा है. बीजिंग ने यहां दूतावास बना रखा है.
सत्ता परिवर्तन के बाद तालिबानी शासन लगातार दावा करता रहा है कि वो नेशनल सिक्योरिटी में सुधार के लिए कदम उठा रहा है लेकिन इसके बाद भी वहां बम विस्फोट और गोलीबारी की घटनाएं रुक नहीं रही हैं.



