मां ने लगाई फटकार तो घर से भागी बालिका, 08 माह बाद आयी घर की याद …. परिजन कोतवाली थाने में दर्ज कराये थे गुमशुदगी की रिपोर्ट…..

● *बच्चों को ज्यादा डांट फटकार ठीक नहीं, मनोचिकित्सक व शिक्षाविदों की सलाह* …
● *किशोर पर क्रूरता, मारपीट पर भारतीय दंड अधिनियम व किशोर अधिनियम के तहत हो सकती है कार्यवाही* …
मनोचिकित्सक व शिक्षाविदों की माने तो स्कूल अथवा घर में बच्चों के साथ जो व्यवहार होता है उसके परिणाम बाद में दिखाई देते हैं । बचपन में जिन बच्चों को ज्यादा डराया तथा धमकाया जाता है, इससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर इसका प्रतिकूल असर पड़ता है इसलिए बच्चों से ज्यादा डांट फटकार ठीक नहीं है । ऐसा ही एक वाक्या थाना कोतवाली रायगढ़ अन्तर्गत देखने को मिला जब मां की डांट-फटकार से 15 वर्षीय बालिका अपने रिस्तेदार के घर बिना बताये चली गई और इसी दरम्यान लॉकडाउन होने से करीब 08 माह अपने परिजनों से दूर रही ।
जानकारी के अनुसार दिनांक 28.01.2020 को थाना कोतवाली में एक महिला द्वारा उसकी 15 वर्षीय बालिका के दिनांक 21.01.2020 से बिना बताये घर से कहीं चले जाने की रिपोर्ट दर्ज करायी थी । गुम बालिका के रिपोर्ट पर धारा 363 भादंवि के तहत अपराध कायम कर कोतवाली थाने में महिला उप निरीक्षक द्वारा अपराध की विवेचना, बालिका की पतासाजी की जा रही थी । बच्ची के परिजन को शंका था कि उसे अज्ञात व्यक्ति बहला फुसलाकर भगा ले गया है जिस पर गुम बालिका के माता-पिता द्वारा बताये गये उनके नजदीकियों और बालिका की सहेलियों से पूछताछ कर बालिका का पता लगाया गया जिसमें बालिका का पता नहीं चला । दिनांक 22.09.2020 को बालिका के जांजगीर में होने की जानकारी मिलने पर बालिका को रायगढ़ लाया गया । बालिका से पूछताछ करने पर मां की डांट फटकार से अपने रिस्ते की बड़ी मम्मी के घर चली गई थी । बालिका को अपने घरवालों का मोबाइल नम्बर याद नहीं था और न ही बड़ी मम्मी के पास मोबाइल था जिससे घरवालों से संपर्क नहीं कर पायी । कुछ दिन बाद घर की याद आयी तो अपने रिस्तेदारों के माध्यम से माता-पिता को जांजगीर में रहने की खबर भिजवाई तब लॉकडाउन होने से बालिका आ नहीं पायी और न ही परिजन बालिका को लेने जा सके और इस तरह करीब 8 माह तक बच्ची अपने माता-पिता से दूर रही । बालिका को दस्तयाब कर कोतवाली पुलिस द्वारा बालिका का मेडिकल, CWC, न्यायालय में कथन कराया गया, जिसके बाद उसके परिजनों को डांट फटकार नहीं करने की समझाइश देकर सुपुर्द किया गया है । Child Welfare Committee (CWC) द्वारा बालिका को 15 दिन बाद पुन: रि-कॉउसिंलिग के लिये बुलाया गया है । माता-पिता द्वारा डांट फटकार, प्रताडित करने पर उन पर कार्यवाही की जा सकती है । नाबालिकों के साथ किसी प्रकार की क्रूरता करने पर किशोर न्याय अधिनियम एवं भारतीय दंड विधान के तहत कार्यवाही का प्रावधान है ।



