*✍️RGHNEWS ब्रेकिंग:-आपातकाल की घोषणा ,क्या होता है आर्थिक आपातकाल,जानिए लोगों पर पड़ता है क्या असर...* – RGH NEWS
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*✍️RGHNEWS ब्रेकिंग:-आपातकाल की घोषणा ,क्या होता है आर्थिक आपातकाल,जानिए लोगों पर पड़ता है क्या असर…*

RGHNEWS कोरोना काल में श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) ने देश में आर्थिक आपातकाल की घोषणा कर दी है। देश की मुद्रा के मूल्य में भारी गिरावट आ गई है, जिसके कारण खाद्य कीमतों में भारी तेजी आ गई है। हालात ये हैं कि श्रीलंका में चीनी, चावल, प्याज और आलू की कीमतें आसमान छू रही हैं। दूध पाउडर, मिट्टी के तेल और रसोई गैस की कमी हो जाने के चलते दुकानों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। इसके लिए जमाखोरी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है और व्यापारियों पर उंगलियां उठ रही हैं। इसकी वजह से बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए आर्थिक आपातकाल लगाया गया है। यह आदेश मंगलवार आधी रात से ही प्रभावी हो चुका है। अब सवाल ये उठता है कि आखिर आर्थिक आपातकाल होता क्या है? इसमें क्या होता है? आइए जानते हैं आपके सभी सवालों के जवाब।

  1. क्या होता है आर्थिक आपातकाल?
    किसी भी देश के राष्ट्रपति की तरफ से धारा 360 के तहत आर्थिक आपातकाल की घोषणा तब की जाती है, जब उन्हें ऐसा लगता है कि देश में भारी आर्थिक संकट पैदा हो चुका है। यह सख्त कदम तब उठाया जाता है जब लगता है कि इस आर्थिक संकट के चलते देश के वित्तीय स्थायित्व को खतरा हो सकता है। कोई भी सरकार इतना सख्त कदम उठाने को तब मजबूर हो जाती है जब आर्थिक स्थिति बदतर होने की वजह से सरकार दिवालिया होने के कगार पर पहुंच जाती है।
  2. कितने तरह के होते हैं आपातकाल?
    जब आर्थिक आपातकाल की बात हो रही है तो एक सवाल ये भी उठ रहा है कि आखिर आपातकाल कितने तरह के होते हैं। ये 2 तरह के होते हैं। पहला आर्थिक आपातकाल, जिसके बारे में आप जान ही चुके हैं। दूसरा होता है राष्ट्रीय आपतकाल, जिसे तब लगाया जाता है जब युद्ध के हालात हो जाते हैं या फिर विद्रोह बहुत अधिक बढ़ जाता है। इंदिरा गांधी ने 1975 में राष्ट्रीय आपातकाल लगया था।
  3. आर्थिक आपातकाल लागू होने पर क्या होता है?
    अगर किसी देश में आर्थिक आपातकाल लागू हो जाता है तो सभी कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों में कटौती की जाने लगती है। यह कटौती कितनी होगी, ये भी सरकार ही तय करती है। कोरोना काल में भी भारत में बहुत सारे सरकारी कर्मचारियों की सैलरी काटी गई थी, जिसे लोग आर्थिक आपातकाल कहने लगे थे, लेकिन ऐसा नहीं है।
  4. चरमराती अर्थव्यवस्था

    श्रीलंका का विदेश मुद्रा भंडार जुलाई 2021 के अंत तक गिरकर 2.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया जबकि नवंबर 2019 में मौजूदा सरकार के पदभार संभालने के समय यह 7.5 अरब डॉलर था.

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